Kanpur: चिकन पॉक्स वायरस सक्रिय, रोगियों का तुरंत कराएं इलाज, झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें, ऐसे करें बचाव
सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि चिकन पॉक्स का संक्रमण तेजी से फैलता है। रोगी का इलाज कराना चाहिए। इसके लिए झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें और न ही रोगी को घर पर रखे रहें।
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रात और दिन के तापमान में फर्क आने से चिकन पॉक्स वायरस सक्रिय हो गया है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में चिकन पॉक्स के रोगी आने लगे हैं। इसके साथ ही बालरोग विशेषज्ञों और त्वचा रोग विभाग में इक्का-दुक्का रोगी आ रहे हैं। इसके अलावा बड़ी उम्र के लोगों को भी रोग हो रहा है। चिकन पॉक्स वायरस होने वाले हरपीज जोरेस्टर के भी रोगी बढ़े हैं।
मंगलवार को हैलट की त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में छह रोगी हरपीज के आए हैं। सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि चिकन पॉक्स का संक्रमण तेजी से फैलता है। रोगी का इलाज कराना चाहिए। इसके लिए झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें और न ही रोगी को घर पर रखे रहें। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. श्वेतांक ने बताया कि हरपीज जोरेस्टर का संक्रमण चिकन पॉक्स वायरस से होता है।
अगर किसी को पहले चिकन पॉक्स हुआ है और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है तो वायरस फिर उभार मार देता है। इसकी हरपीज जोरेस्टर कहते हैं। उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. जसबीर सिंह ने बताया कि चिकन पॉक्स के कुल रोगियों में 90 फीसदी बच्चे होते हैं। अगर कोई बच्चा संक्रमित है तो उसे स्कूल न भेजें। दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को टीका लगवाया जा सकता है।
ऐसे करें बचाव
रोगी को आराम करने दें, उसे साफ-सुथरे कमरे में रखें।
शरीर में पड़े दाने फोड़ें मत, उनके खुद से फूटने का इंतजार करें।
रोगी के बेड की चादर साफ-सुथरी रखें।
गर्म तरल पेय पदार्थ का सेवन न करें।
दाने फूटने पर साफ और हल्के सूती कपड़े से सहलाएं।