कानपुर: एक्सपायरी सिरप बांटने का मामला, दो सदस्यीय कमेटी करेगी जांच, सीएमओ का दावा- 2025 में ही खत्म था स्टॉक
Kanpur News: बर्रा मायापुरम में बाढ़ पीड़ितों को एक्सपायरी सिरप बांटने और तीन बच्चों की सेहत बिगड़ने के मामले में अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। हालांकि, सीएमओ ने मार्च 2025 में ही सिरप का स्टॉक खत्म होने का दावा कर इसे शरारत बताया है। वहीं, लखनऊ की टीम ने दस्तावेज जब्त कर जांच तेज कर दी है।
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कानपुर में पांडु नदी के उफान से बेहाल बर्रा मायापुरम के बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री के साथ एक्सपायरी (समयावधि पार) सिरप बांटने का मामला गरमाता जा रहा है। दूषित दवा पीने से तीन मासूम बच्चों की सेहत बिगड़ने की खबर प्रकाशित होने के बाद शासन स्तर पर अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया।
समिति में अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. रेनू पंत और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. वीरेन कुशवाहा हैं। जांच टीम को स्वास्थ्य विभाग द्वारा बांटी गई दवाओं, उनके वितरण रिकॉर्ड और एक्सपायर्ड दवा के स्रोत की गहन जांच कर रिपोर्ट सौंपनी है। जांच टीम को स्वास्थ्य विभाग ने स्टॉक रजिस्टर और वितरण विवरण की जानकारी नहीं उपलब्ध कराई है।
रजिस्टर में इस सिरप की कोई एंट्री नहीं
सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने अपने स्तर से जांच करवाकर रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिरप बांटे जाने के आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार ट्राईमेथोप्रिम एंड सल्फामेथोक्साजोल आईपी सिरप मार्च 2025 तक सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पूरी तरह वितरित की जा चुकी थी। स्वास्थ्य विभाग के बाढ़ राहत स्टॉक रजिस्टर में इस सिरप की कोई एंट्री नहीं है। सीएमओ ने इसे किसी की शरारत करार दिया।
लखनऊ की टीम ने भी की जांच
शुक्रवार को सीएचसी और पीएचसी में लखनऊ से आई एक जांच टीम ने भी एक्सपायरी सिरप मामले में जांच की। यहां सीएमओ के साथ टीम ने दस्तावेज इकट्ठा किए और अपने साथ लखनऊ लेकर भी गई है।