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Kanpur: सोते रहे डॉक्टर, थम गई बच्चे की सांस, परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा किया हंगामा
Wed, 06 Mar 2024 06:47 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 06 Mar 2024 06:47 PM IST
सार
यूपी के कानपुर में मासूम की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया।
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मासूम की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर के हैलट अस्पताल के पीआईसीयू में 9 माह के मासूम की हालत बिगड़ने पर एक पिता डाक्टरों से इलाज की गुहार लगाता रहा लेकिन जिम्मेदार स्वास्थकर्मी गहरी नींद में सोते रहे। रात में बच्चे की सही देखभाल न होने की वजह से मासूम की मौत हो गयी। जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। पिता ने स्वरूप नगर थाने में शिकायत की है कि डॉक्टरों द्वारा सही इलाज न दिये जाने की वजह से बेटे की मौत हो गयी है।
परमट के रहने वाले विजय ने 18 फरवरी को 9 माह के अपने बेटे को बाल रोग विभाग में दिखाया था। जिसके बाद डाक्टरों की सलाह पर बेटे को एडमिट करवा दिया था। डॉ. नेहा अग्रवाल की देखरेख में बच्चे को काफी दिनों तक भर्ती रखा गया। लेकिन उसकी हालत में सुधार न होने पर विजय ने बेटे सूर्या को डॉ. यशवंत राय की देखरेख में भर्ती करवा दिया। विजय का आरोप है कि दूसरे डॉक्टर को दिखाने के बाद डॉ. नेहा भड़क गयीं और कहा कि जाओ अब ठीक करा लेना बच्चा, देखते हैं कितनी जल्दी ठीक हो जाता है। जिसके बाद स्टाफ का रवैया इलाज को लेकर लापरवाह हो गया।
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परमट के रहने वाले विजय ने 18 फरवरी को 9 माह के अपने बेटे को बाल रोग विभाग में दिखाया था। जिसके बाद डाक्टरों की सलाह पर बेटे को एडमिट करवा दिया था। डॉ. नेहा अग्रवाल की देखरेख में बच्चे को काफी दिनों तक भर्ती रखा गया। लेकिन उसकी हालत में सुधार न होने पर विजय ने बेटे सूर्या को डॉ. यशवंत राय की देखरेख में भर्ती करवा दिया। विजय का आरोप है कि दूसरे डॉक्टर को दिखाने के बाद डॉ. नेहा भड़क गयीं और कहा कि जाओ अब ठीक करा लेना बच्चा, देखते हैं कितनी जल्दी ठीक हो जाता है। जिसके बाद स्टाफ का रवैया इलाज को लेकर लापरवाह हो गया।
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विनोद ने बताया कि रात में बेटे की हालत बिगड़ रही थी। इस दौरान मैंने पीआईसीयू में सोते हुए स्टाफ का वीडियो बना लिया। वीडियो बनाने से मौजूद स्टाफ भड़क गया और वीडियो डिलीट करने की धमकी देता रहा। मैं डाक्टरों को बुलाता रहा लेकिन किसी ने नहीं सुना। इस दौरान मेरे बेटे की मौत भी हो गयी। बच्चे की मौत के बाद परिजन काफी देर हंगामा करने के बाद बच्चे का शव लेकर चले गये। परिजनों ने डाक्टरों की लापरवाही को लेकर स्वरूप नगर थाने में प्रार्थना पत्र भी दिया है।
जिसमें आरोप है कि रात 1 बजे पीआईसीयू का सारा स्टाफ सोता रहा और लापरवाही के चलते बेटे सूर्या की मौत हो गयी। बाल विभाग अध्यक्ष डॉ. अरूण आर्या ने बताया कि मृतक सूर्या का इलाज ठीक ढंग से चल रहा था। डाक्टरों द्वारा लापरवाही की बात सही नहीं है। बच्चे का इलाज कर रहे डॉ. यशवंत राय ने बताया कि बच्चे को ब्रेन से संबंधित दिक्कत थी। उसकी हालत पहले से काफी खराब चल रही थी। यह बात परिजनों को बताई भी गयी थी।