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कानपुर: कामकाज का ब्यौरा मांगने पर भड़के महाना, सपाइयों को बताया गुंडा
Sat, 02 Oct 2021 11:31 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 02 Oct 2021 11:31 PM IST
सार
कैबिनेट मंत्री के कार्यालय के बाहर जमा लोगों ने हंगामा शुरू किया। यह देख भाजपाई भी आ गए। फिर दोनों पक्षों में नोकझोंक होने लगी। यह देख पुलिस को लाठी पटकनी पड़ी। इससे भगदड़ मच गई।
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कैबिनेट मंत्री सतीश महाना
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कानपुर में लाल बंगला स्थित कार्यालय के बाहर हंगामा करने वाले सपाइयों को कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने गुंडा बता डाला, अपशब्द भी कहे। दरअसल गांधी जयंती पर तिरंगा और फूल लेकर सपाई महाना के कार्यालय के बाहर पहुंचे। महाराजपुर विधानसभा में कितने उद्योग लगे, कितनों को रोजगार मिला आदि का ब्यौरा मांगने लगे।
महाना के बाहर न आने पर नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस से भी धक्कामुक्की की। बाद में महाना ने मीडिया से बातचीत के दौरान सपाइयों को गुंडा करार दिया। सपा नेता व पूर्व सदस्य अल्पसंख्यक मंत्रालय और पूर्व राष्ट्रीय सचिव सपा युवजन सभा सरदार फतेह बहादुर सिंह गिल की अगुवाई में शिव कटरा से पैदल यात्रा निकाली गई।
यात्रा त्रिमूर्ति मंदिर होते हुए सतीश महाना के कैंप कार्यालय पहुंची। करीब एक घंटे तक रुकने के बाद भी मंत्री बाहर नहीं आए। इसके बाद सपाई जमीन पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। फतेह बहादुर सिंह गिल ने कहा कि वे सपा का झंडा लेकर नहीं आए हैं।
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जो लोग साथ आए हैं, वे कैबिनेट मंत्री के विधानसभा के हैं। वे जानना चाहते हैं कि कैबिनेट मंत्री ने उनके लिए कितने उद्योग लगवाए। कितने लोगों को रोजगार दिया। यह भी पूछा कि सरकार ने कानपुर की कितनी बंद मिलों को चालू कराया है। टेनरी अलग से बंद हो गई हैं। वहीं चकेरी पुलिस ने फतेहबहादुर व अजीत सिंह समेत 300 लोगों के खिलाफ सेवन सीएलए, कोरोना महामारी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
क्या बोले कैबिनेट मंत्री महाना
ये सपा सरकार के गुंडे हैं, जिनका नाम थाने की लिस्ट में हिस्ट्रीशीटर, वसूली में लिखा है। अब सरकार सख्ती हुई है तो चुनाव आते देख अराजकता फैला रहे हैं। कानून, प्रशासन अपना काम करेगा। उन्होंने आने की कोई सूचना नहीं दी थी। कामकाज का ब्यौरा चाहिए तो उनके नेता विधानसभा में मांगें।
सपाई-भाजपाई भिड़े, पुलिस ने पटकी लाठी
कैबिनेट मंत्री के कार्यालय के बाहर जमा लोगों ने हंगामा शुरू किया। यह देख भाजपाई भी आ गए। फिर दोनों पक्षों में नोकझोंक होने लगी। यह देख पुलिस को लाठी पटकनी पड़ी। इससे भगदड़ मच गई। आसपास के दुकानदार भी दहशत में आ गए।
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महाना के बाहर न आने पर नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस से भी धक्कामुक्की की। बाद में महाना ने मीडिया से बातचीत के दौरान सपाइयों को गुंडा करार दिया। सपा नेता व पूर्व सदस्य अल्पसंख्यक मंत्रालय और पूर्व राष्ट्रीय सचिव सपा युवजन सभा सरदार फतेह बहादुर सिंह गिल की अगुवाई में शिव कटरा से पैदल यात्रा निकाली गई।
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यात्रा त्रिमूर्ति मंदिर होते हुए सतीश महाना के कैंप कार्यालय पहुंची। करीब एक घंटे तक रुकने के बाद भी मंत्री बाहर नहीं आए। इसके बाद सपाई जमीन पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। फतेह बहादुर सिंह गिल ने कहा कि वे सपा का झंडा लेकर नहीं आए हैं।
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जो लोग साथ आए हैं, वे कैबिनेट मंत्री के विधानसभा के हैं। वे जानना चाहते हैं कि कैबिनेट मंत्री ने उनके लिए कितने उद्योग लगवाए। कितने लोगों को रोजगार दिया। यह भी पूछा कि सरकार ने कानपुर की कितनी बंद मिलों को चालू कराया है। टेनरी अलग से बंद हो गई हैं। वहीं चकेरी पुलिस ने फतेहबहादुर व अजीत सिंह समेत 300 लोगों के खिलाफ सेवन सीएलए, कोरोना महामारी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
क्या बोले कैबिनेट मंत्री महाना
ये सपा सरकार के गुंडे हैं, जिनका नाम थाने की लिस्ट में हिस्ट्रीशीटर, वसूली में लिखा है। अब सरकार सख्ती हुई है तो चुनाव आते देख अराजकता फैला रहे हैं। कानून, प्रशासन अपना काम करेगा। उन्होंने आने की कोई सूचना नहीं दी थी। कामकाज का ब्यौरा चाहिए तो उनके नेता विधानसभा में मांगें।
सपाई-भाजपाई भिड़े, पुलिस ने पटकी लाठी
कैबिनेट मंत्री के कार्यालय के बाहर जमा लोगों ने हंगामा शुरू किया। यह देख भाजपाई भी आ गए। फिर दोनों पक्षों में नोकझोंक होने लगी। यह देख पुलिस को लाठी पटकनी पड़ी। इससे भगदड़ मच गई। आसपास के दुकानदार भी दहशत में आ गए।