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Kanpur: भाजपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव अधिकारी को सौंपा जूते का गुलदस्ता, पार्टी में मचा बवाल
Sun, 12 Jan 2025 11:10 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 12 Jan 2025 11:10 PM IST
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चुनाव अधिकारी को सौंपा जूते का गुलदस्ता
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा उत्तर जिलाध्यक्ष पद की नामांकन प्रक्रिया के दौरान रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के एक गुट ने पार्टी कार्यालय में हंगामा काट दिया। चुनाव अधिकारी संगम लाल गुप्ता और चुनाव पर्यवेक्षक जय प्रकाश चतुर्वेदी के सामने मंडल अध्यक्ष के चुनाव में धांधली का आरोप लगाकर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता चंद्रकांत द्विवेदी, जिला प्रतिनिधि ज्योति वाल्मीकि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने संगम लाल गुप्ता को जूता रखकर गुलदस्ता भेंट किया। इस पर बवाल मच गया। मामला प्रदेश इकाई तक पहुंच गया है।
पार्टी कार्यालय में चुनाव अधिकारी संगम लाल गुप्ता बैठे थे। उसी समय चंद्रकांत द्विवेदी, ज्योति वाल्मीकि, वार्ड-एक के पार्षद विकास साहू के साथ कार्यकर्ताओं का गुट तीन दिन पहले हुए मंडल अध्यक्षों के चयन पर अपनी नाराजगी जाहिर करने पहुंच गया। इन कार्यकर्ताओं ने इस दौरान योगी और मोदी जिंदाबाद के नारे भी लगाए और एक शिकायती पत्र और गुलदस्ता चुनाव अधिकारी को सौंपा। पहले तो चुनाव अधिकारी समझ नहीं पाए और गुलदस्ता ले लिया। फिर जैसे ही उन्होंने गुलदस्ते में जूता देखा तो उसे वापस कर दिया। चुनाव अधिकारी कार्यकर्ताओं को शांत कराते रहे, लेकिन वह काफी देर तक नारेबाजी करने के बाद कार्यालय से चले गए। मजे की बात यह है कि जैसे ही जूते रखे गुलदस्ते का वीडियो और फोटो वायरल हुआ, जिला स्तर से लेकर प्रदेश इकाई में खलबली मच गई।
बताया जा रहा है कि जिन चंद्रकांत द्विवेदी के नेतृत्व में यह सब हुआ है, वह पिछली बार कलक्टरगंज मंडल के अध्यक्ष थे। इस बार भी उन्होंने इसी मंडल से नामांकन किया था, लेकिन उनकी जगह किसी और को यह पद दे दिया गया। इसी तरह ज्योति वाल्मीकि ने मंडल अध्यक्षों की सूची जारी होने के दिन ही सोशल मीडिया के जरिए बगावत कर दी थी। उन्होंने मंडल अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए लिखा था कि उन्होंने तो जिला प्रतिनिधि के लिए नामांकन किया ही नहीं फिर उन्हें प्रतिनिधि कैसे बना दिया गया। उनकी सोशल मीडिया पोस्ट पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच काफी वायरल हुई थी। इस बीच यह भी चर्चा होती रही कि विरोध करने वाले प्रदेश उपाध्यक्ष सलिल विश्नोई से जुड़े हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाध्यक्ष दीपू पांडेय की ओर से एक जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है। जिलाध्यक्ष का कहना है कि इसमें जिस किसी की भी अनुशासनहीनता पाई जाएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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हां, हमने जूते का गुलदस्ता दिया है। दरअसल जब संगठन अपने बनाए नियम तोड़ेगा तो इस तरह से विरोध जताना ही पड़ेगा। हमने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर अपने एक वरिष्ठ कार्यकर्ता, जिनका नाम मैं नहीं बता सकता हूं और जो काफी समय तक पार्टी के लिए संघर्ष करते रहे हैं, उनकी चरण पादुका को फूलों का गुलदस्ता बनाकर दिया है। हम लोग जूते की माला तो पहना नहीं सकते हैं, इसलिए एक कार्यकर्ता के संघर्ष को बताने के लिए इस तरह करना पड़ा।- चंद्रकांत द्विवेदी, पूर्व मंडल अध्यक्ष भाजपा
कुछ कार्यकर्ता थे जो पार्टी कार्यालय आए और मंडल अध्यक्ष के लिए हुए चुनाव को लेकर अपना विरोध जताने लगे। इसी बीच उन्होंने एक झोले से काले रंग की कोई चीज जो फूलों में लिपटी थी, उसे देने लगे। तरीका थोड़ा अजीब लगा।.- संगम लाल पांडेय चुनाव अधिकारी व पूर्व सांसद
उनसे तो सभी कार्यकर्ता जुड़े हैं, लेकिन ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं की जा सकती है कार्यकर्ताओं का अपनी किसी बात को लेकर विरोध जताना जायज है, लेकिन इस तरह की हरकत से मैं बिल्कुल सहमत नहीं हूं। जिन्होंने भी किया सही नहीं किया। - सलिल विश्नोई एमएलसी व प्रदेश उपाध्यक्ष
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पार्टी कार्यालय में चुनाव अधिकारी संगम लाल गुप्ता बैठे थे। उसी समय चंद्रकांत द्विवेदी, ज्योति वाल्मीकि, वार्ड-एक के पार्षद विकास साहू के साथ कार्यकर्ताओं का गुट तीन दिन पहले हुए मंडल अध्यक्षों के चयन पर अपनी नाराजगी जाहिर करने पहुंच गया। इन कार्यकर्ताओं ने इस दौरान योगी और मोदी जिंदाबाद के नारे भी लगाए और एक शिकायती पत्र और गुलदस्ता चुनाव अधिकारी को सौंपा। पहले तो चुनाव अधिकारी समझ नहीं पाए और गुलदस्ता ले लिया। फिर जैसे ही उन्होंने गुलदस्ते में जूता देखा तो उसे वापस कर दिया। चुनाव अधिकारी कार्यकर्ताओं को शांत कराते रहे, लेकिन वह काफी देर तक नारेबाजी करने के बाद कार्यालय से चले गए। मजे की बात यह है कि जैसे ही जूते रखे गुलदस्ते का वीडियो और फोटो वायरल हुआ, जिला स्तर से लेकर प्रदेश इकाई में खलबली मच गई।
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बताया जा रहा है कि जिन चंद्रकांत द्विवेदी के नेतृत्व में यह सब हुआ है, वह पिछली बार कलक्टरगंज मंडल के अध्यक्ष थे। इस बार भी उन्होंने इसी मंडल से नामांकन किया था, लेकिन उनकी जगह किसी और को यह पद दे दिया गया। इसी तरह ज्योति वाल्मीकि ने मंडल अध्यक्षों की सूची जारी होने के दिन ही सोशल मीडिया के जरिए बगावत कर दी थी। उन्होंने मंडल अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए लिखा था कि उन्होंने तो जिला प्रतिनिधि के लिए नामांकन किया ही नहीं फिर उन्हें प्रतिनिधि कैसे बना दिया गया। उनकी सोशल मीडिया पोस्ट पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच काफी वायरल हुई थी। इस बीच यह भी चर्चा होती रही कि विरोध करने वाले प्रदेश उपाध्यक्ष सलिल विश्नोई से जुड़े हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाध्यक्ष दीपू पांडेय की ओर से एक जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है। जिलाध्यक्ष का कहना है कि इसमें जिस किसी की भी अनुशासनहीनता पाई जाएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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हां, हमने जूते का गुलदस्ता दिया है। दरअसल जब संगठन अपने बनाए नियम तोड़ेगा तो इस तरह से विरोध जताना ही पड़ेगा। हमने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर अपने एक वरिष्ठ कार्यकर्ता, जिनका नाम मैं नहीं बता सकता हूं और जो काफी समय तक पार्टी के लिए संघर्ष करते रहे हैं, उनकी चरण पादुका को फूलों का गुलदस्ता बनाकर दिया है। हम लोग जूते की माला तो पहना नहीं सकते हैं, इसलिए एक कार्यकर्ता के संघर्ष को बताने के लिए इस तरह करना पड़ा।- चंद्रकांत द्विवेदी, पूर्व मंडल अध्यक्ष भाजपा
कुछ कार्यकर्ता थे जो पार्टी कार्यालय आए और मंडल अध्यक्ष के लिए हुए चुनाव को लेकर अपना विरोध जताने लगे। इसी बीच उन्होंने एक झोले से काले रंग की कोई चीज जो फूलों में लिपटी थी, उसे देने लगे। तरीका थोड़ा अजीब लगा।.- संगम लाल पांडेय चुनाव अधिकारी व पूर्व सांसद
उनसे तो सभी कार्यकर्ता जुड़े हैं, लेकिन ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं की जा सकती है कार्यकर्ताओं का अपनी किसी बात को लेकर विरोध जताना जायज है, लेकिन इस तरह की हरकत से मैं बिल्कुल सहमत नहीं हूं। जिन्होंने भी किया सही नहीं किया। - सलिल विश्नोई एमएलसी व प्रदेश उपाध्यक्ष