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Kanpur: बिकरू के शिक्षक राजन लाल को मिलेगा राज्य अध्यापक पुरस्कार, मुख्यमंत्री करेंगे सम्मानित
Wed, 27 Aug 2025 09:03 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 27 Aug 2025 09:03 PM IST
सार
शिक्षक राजन लाल चौबेपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय बंसठी प्रथम में तैनात हैं। शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री सम्मानित करेंगे।
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शिक्षक राजन लाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिकरू कांड ने पूरे देश को झकझाेर दिया था। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने अपने गैंग के साथ डिप्टी एसपी समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। बिकरू गांव का नाम सुनते ही लोगों को विकास दुबे की दहशत और नृशंसता याद आ जाती है। अब उसी गांव में रहने वाले एक शिक्षक राजन लाल ने प्रदेश भर में नाम रोशन कर दिया है। उन्हें पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य अध्यापक पुरस्कार देकर सम्मानित करेंगे।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2024 के राज्य अध्यापक पुरस्कार की घोषणा कर दी है। यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अध्यापकों को हर वर्ष दिया जाता है। इस बार राज्य चयन समिति की संस्तुति के आधार पर जारी सूची में यूपी के सभी जिलों से 66 शिक्षकों का चयन हुआ है। इनमें चौबेपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय बंसठी प्रथम के सहायक अध्यापक राजन लाल का नाम भी है। इनका चयन शैक्षिक उपलब्धियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रयासों को देखते हुए किया गया है।
राजन लाल पिछले 23 वर्षों से प्राथमिक विद्यालय बंसठी प्रथम में अध्यापन कार्य कर रहे हैं। 52 वर्ष की उम्र में भी वह रोज समय से आधे घंटे पहले विद्यालय पहुंचकर पढ़ाई को रुचिकर बनाने के लिए नए-नए प्रयोग करते हैं। वह बताते हैं कि विद्यालय में 152 बच्चे पढ़ते हैं। सभी बच्चे प्रतिदिन टाई, बेल्ट पहनकर आते हैं। उन्होंने कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले बच्चों के लिए गांव में निशुल्क विद्या धन महादान लाइब्रेरी खोली जिसमें स्नातक स्तर एवं प्रतियोगी परीक्षाओं संबधी पुस्तकें उपलब्ध हैं। उनको 2024 में कठपुतली और निपुण तराजू के माध्यम से अभिनव शिक्षण पद्धति लागू करने पर जिला स्तर पर सम्मान मिला था। इसके अलावा 2025 में विद्यालय के एक छात्र का चयन अटल आवासीय विद्यालय में हुआ।
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इन प्रयासों से पढ़ाई बनाई रुचिकर
मेरी गुल्लक मेरी पहचान : इसके तहत स्टार ऑफ द मंथ, स्टार ऑफ द डे और स्टार ऑफ द ईयर पुरस्कार दिया जाता है। नियमित उपस्थिति, अनुशासन और उत्कृष्ट अंक पाने पर बच्चों को स्टेशनरी देकर सम्मानित किया जाता है।
मन की बात : प्रत्येक कक्षा में पेटी रखी गई है जिसमें बच्चे अपनी समस्याएं लिखकर डालते हैं और शिक्षक उनका समाधान करते हैं।
शिक्षा आपके द्वार : गांव की दीवारों, पेड़ों और शौचालय की दीवारों पर गणित के सूत्र और व्याकरणिक शब्दों की पेंटिंग कराई।
आज के पांच : प्रतिदिन सभी कक्षाओं में किसी भी विषय में पांच बिंदुओं पर बच्चों से चर्चा कराई जाती है।
पांच बेटियों को लिया गोद
2022 में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत राजन लाल ने पांच बेटियों को गोद लिया। इनमें से चार कक्षा 11 में पढ़ रही हैं और एक जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से ओटी टेक्नीशियन कोर्स कर रही है। इन बच्चियों और जरूरतमंद विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षण सामग्री भी उपलब्ध कराते हैं।
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प्रदेश सरकार ने वर्ष 2024 के राज्य अध्यापक पुरस्कार की घोषणा कर दी है। यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अध्यापकों को हर वर्ष दिया जाता है। इस बार राज्य चयन समिति की संस्तुति के आधार पर जारी सूची में यूपी के सभी जिलों से 66 शिक्षकों का चयन हुआ है। इनमें चौबेपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय बंसठी प्रथम के सहायक अध्यापक राजन लाल का नाम भी है। इनका चयन शैक्षिक उपलब्धियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रयासों को देखते हुए किया गया है।
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राजन लाल पिछले 23 वर्षों से प्राथमिक विद्यालय बंसठी प्रथम में अध्यापन कार्य कर रहे हैं। 52 वर्ष की उम्र में भी वह रोज समय से आधे घंटे पहले विद्यालय पहुंचकर पढ़ाई को रुचिकर बनाने के लिए नए-नए प्रयोग करते हैं। वह बताते हैं कि विद्यालय में 152 बच्चे पढ़ते हैं। सभी बच्चे प्रतिदिन टाई, बेल्ट पहनकर आते हैं। उन्होंने कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले बच्चों के लिए गांव में निशुल्क विद्या धन महादान लाइब्रेरी खोली जिसमें स्नातक स्तर एवं प्रतियोगी परीक्षाओं संबधी पुस्तकें उपलब्ध हैं। उनको 2024 में कठपुतली और निपुण तराजू के माध्यम से अभिनव शिक्षण पद्धति लागू करने पर जिला स्तर पर सम्मान मिला था। इसके अलावा 2025 में विद्यालय के एक छात्र का चयन अटल आवासीय विद्यालय में हुआ।
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इन प्रयासों से पढ़ाई बनाई रुचिकर
मेरी गुल्लक मेरी पहचान : इसके तहत स्टार ऑफ द मंथ, स्टार ऑफ द डे और स्टार ऑफ द ईयर पुरस्कार दिया जाता है। नियमित उपस्थिति, अनुशासन और उत्कृष्ट अंक पाने पर बच्चों को स्टेशनरी देकर सम्मानित किया जाता है।
मन की बात : प्रत्येक कक्षा में पेटी रखी गई है जिसमें बच्चे अपनी समस्याएं लिखकर डालते हैं और शिक्षक उनका समाधान करते हैं।
शिक्षा आपके द्वार : गांव की दीवारों, पेड़ों और शौचालय की दीवारों पर गणित के सूत्र और व्याकरणिक शब्दों की पेंटिंग कराई।
आज के पांच : प्रतिदिन सभी कक्षाओं में किसी भी विषय में पांच बिंदुओं पर बच्चों से चर्चा कराई जाती है।
पांच बेटियों को लिया गोद
2022 में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत राजन लाल ने पांच बेटियों को गोद लिया। इनमें से चार कक्षा 11 में पढ़ रही हैं और एक जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से ओटी टेक्नीशियन कोर्स कर रही है। इन बच्चियों और जरूरतमंद विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षण सामग्री भी उपलब्ध कराते हैं।