Kanpur: पूर्व डीजीपी से बीआईसी ने खाली कराया दूसरा बंगला, पढ़ें पूरा मामला
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ब्रिटिश इंडिया कारपोरेशन (बीआईसी) के अफसरों ने पूर्व डीजीपी राघवेंद्र अवस्थी के कब्जे से निर्बान बंगले को भी छुड़ा लिया। चार सौ पुलिस अफसरों और जवानों की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी की गई। आदेश के बाद भी पूर्व डीजीपी ने एक सप्ताह में बंगला खाली नहीं किया था और न ही बुधवार को की गई कार्रवाई में सहयोग किया।
अफसरों से अभद्र भाषा में बात भी की। सिपाहियों ने उन्हें बाहर कर बंगले पर कब्जा लिया। खाली कराया गया बंगला छह एकड़ जमीन पर फैला है। इसकी कीमत पौने दो करोड़ रुपये से अधिक है। बता दें 11 नवंबर को जिलाजज की कोर्ट ने बीआईसी के हक में फैसला सुनाते हुए पूर्व डीजीपी को एक सप्ताह में बंगला खाली करने का आदेश दिया था।
इसके बाद खलासी लाइन स्थित सीसामन बंगले को कब्जा मुक्त करा लिया गया था। पूर्व डीजीपी को 12 अप्रैल 2006 में बीआईसी में चीफ विजिलेंस ऑफिसर (सीवीओ) के पद पर प्रतिनियुक्त किया गया था। इनकी प्रतिनियुक्ति 11 जून 2011 को खत्म हो गई थी। इसके बाद भी उन्होंने बगैर किसी आवंटन के दो बंगलों पर कब्जा कर लिया था।
बीआईसी की ओर से पीपी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। तत्कालीन अफसर ने कब्जा छोड़ने का आदेश भी दिया था। कपड़ा मंत्रालय, गृह मंत्रालय ने भी कई पत्र लिखे थे। इसके बाद भी कब्जा नहीं छोड़ा था। जिला जज की कोर्ट ने चार फरवरी 2020 की अपील पर सुनवाई करते हुए 11 नवंबर 2022 को बंगले खाली करने का आदेश दिया था।
इसमें पार्वती बंगला रोड स्थित 6/29 निर्बान और खलासी लाइन स्थित 10/470 सीसामन बंगले को खाली करने को कहा गया था। एक करोड़ 28 लाख की क्षतिपूर्ति के भी आदेश दिए थे। बीआईसी के अधिवक्ता डॉ. पवन कुमार तिवारी ने बताया कि निर्बान बंगले पर कब्जा ले लिया गया है। इस दौरान बीआईसी के अजय अग्निहोत्री, अभिषेक अवस्थी के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।