Kanpur: 338 दिन बाद अवनीश दीक्षित जेल से रिहा, 28 जुलाई को भेजा था जेल…21 मुकदमे थे दर्ज, इनमें मिली जमानत
Kanpur News: अवनीश को गैंगस्टर एक्ट और पीएफ घोटाले जैसे पांच अपराधिक मामलों में हाईकोर्ट से जमानत मिली है। बाकी 16 में उसे सेशन कोर्ट से सुनवाई होने के बाद जमानत मिल गई थी।
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कानपुर में पिछले साल 28 जुलाई से जेल में बंद प्रेसक्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित 339 दिन बाद बुधवार रात जेल से रिहा हो गए। सिविल लाइंस में मैरी एंड मैरीमैन कंपाउंड की करोड़ों की जमीन कब्जाने के मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में कानपुर तहसील के लेखपाल विपिन कुमार और कंपाउंड निवासी सैमुअल गुरुदेव ने अवनीश समेत अन्य पर कब्जे, डकैती की दो एफआईआर दर्ज कराई थी।
अवनीश दीक्षित के जेल में रहते हुए पुलिस ने उसके पुराने आपराधिक मामलों की भी जांच की और एक के बाद एक 21 मामले दर्ज किए गए, जिसमें गैंगस्टर एक्ट भी शामिल है। पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार के निर्देश पर अवनीश को गैंग लीडर बनाते हुए पहला इंटर जोनल गैंग घोषित किया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि देर रात लगभग 10 बजे अवनीश जेल से रिहा हो गया।
सभी मामलों में लग चुकी है चार्जशीट
अवनीश ने जेल गेट से निकलते-निकलते बाबा आनंदेश्वर को धन्यवाद दिया। इधर, अवनीश के निकलने के बाद किदवईनगर पुलिस उसके घर पहुंची। पुलिस ने वहां पर फिर से अवनीश को लेकर पूछताछ की। एसीपी कोतवाली आशुतोष कुमार ने बताया कि अवनीश दीक्षित के खिलाफ दर्ज सभी मामलों में चार्जशीट लग चुकी है। सभी आपराधिक मामलों में उसकी जमानत हो गई्, जिसके बाद उसकी रिहाई हुई है।
पांच में हाईकोर्ट और 16 में सेशन कोर्ट से मिली जमानत
अवनीश को गैंगस्टर एक्ट और पीएफ घोटाले जैसे पांच अपराधिक मामलों में हाईकोर्ट से जमानत मिली है। बाकी 16 में उसे सेशन कोर्ट से सुनवाई होने के बाद जमानत मिल गई थी। बुधवार को हाईकोर्ट से उसे पीएफ घोटाले में जमानत मिली तो उसे सलाखों से भी आजादी मिल गई।
जमानतगीर न मिलने से रिहा होने में लगा वक्त
कानून के जानकारों के मुताबिक अवनीश को मई में ही बाहर आ जाना चाहिए था मगर जिन मामलों में उसकी जमानत हुई थी। उसके जमानतदारों ने एक-एक कर हाथ पीछे खींचना शुरू कर दिए। कई जमानतदारों ने अपनी जमानतें वापस ले ली। नए जमानतदारों को कोर्ट के सामने लाने में वक्त लग गया।