सिख विरोधी दंगा: डेयरी मालिक, स्कूल संचालक के साथ नौकर भी आरोपी, एसआईटी टीम ने जोड़े नाम
कानपुर में हुए सिख विरोधी दंगों के मामलों की जांच को एसआईटी नए तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ा रही है। पंजाब से लौटे विवेचक ने दर्ज मुकदमे में नए आरोपियों के नाम जोड़े हैं।
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कानपुर में सिख विरोधी दंगे के दौरान निराला नगर में तीन की हत्या के मामले में पंजाब से लौटे विवेचक ने डेयरी मालिक रवींद्र सिंह, स्कूल संचालक लाला सिंह और उनके छत्तीसगढ़ बिलासपुर निवासी नौकर राजू को भी आरोपी बनाया है। टीम ने जब आरोपियों की स्थिति का पता किया, तो स्कूल संचालक की पहले ही मौत होने की बात पता चली।
निराला नगर के सतपाल सिंह के मकान में बड़ी संख्या में सिख व बंगाली परिवार रहते थे। 31 अक्टूबर 1984 में हुए सिख विरोधी दंगे के दौरान दंगाइयों ने इस मकान को भी अपना शिकार बनाया था। मकान में रहने वाले सतवीर उर्फ काला, भूपेंद्र सिंह व रक्षपाल सिंह को पीटने के बाद उन पर गोलियां बरसाईं। इसके बाद जिंदा जला दिया गया था। जांच में पता चला कि उस वक्त इस हत्याकांड में एक बंगाली किरायेदार और राजेश गुप्ता नाम का दंगाई भी मारा गया था। मामले में अब तक 16 दंगाइयों के नाम सामने आ चुके थे।
हाल ही में एसआईटी ने गुरुग्राम व नोएडा में रहने वाली सतवीर काला की दो बहनों के बयान लिए थे, जिसमें उन्होंने डेयरी मालिक व स्कूल संचालक के नाम खोले थे। एसआईटी की जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ कि लाला सिंह ने ही अपनी लाइसेंसी बंदूक से सभी को गोली मारी थी। डीआईजी एसआईटी बालेंदु भूषण के अनुसार नए तथ्यों के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है।