Sikh Riots: जेल भेजे गए 32 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, 40 आरोपियों की गिरफ्तारी है बाकी
कानपुर में वर्ष 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए दंगों में शहर में 127 सिखों की हत्या की गई थी। एसआईटी अब तक 34 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि 40 आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है।
विस्तार
कानपुर सिख विरोधी दंगों के मामले में एसआईटी ने अब तक 32 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। जैसे जैसे आरोपी जेल भेजे जा रहे हैं, वैसे ही एसआईटी लिखापढ़ी कर आरोप पत्र दाखिल कर रही है। करीब एक महीने के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है।
31 अक्तूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद सिख विरोधी दंगे भड़क गए थे। कानपुर में 127 सिखों की हत्या कर दी गई है। शासन के आदेश पर फरवरी 2019 से एसआईटी हत्याकांड से संबंधित केसों की जांच कर रही है। एसआईटी अब तक 34 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
एसआईटी डीआईजी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी जेल में बंद हैं। इनमें से 32 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। दो दिन पहले भेजे गए दो आरोपियों के खिलाफ भी जल्द चार्जशीट लगा दी जाएगी। मामले में अभी चिन्हित किए गए 40 और आरोपी बचे हैं। इन सभी की गिरफ्तारी बाकी है।
मुख्य आरोपी पर कसेगा शिकंजा
एसआईटी की अब तक की जांच में सामने आया है कि पूर्व मंत्री शिवनाथ सिंह कुशवाहा के भतीजे राघवेंद्र सिंह कुशवाहा की वारदात में मुख्य भूमिका थी।
वह अब तक गिरफ्त से दूर है। कोर्ट से उसकी अग्रिम जमानत की याचिका भी खारिज हो चुकी है। डीआईजी ने बताया कि सोमवार को आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट लिया जाएगा। उसके बाद कुर्की की प्रक्रिया कर उस पर इनाम घोषित किया जाएगा। दूसरी तरफ उसको पकड़ने के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं।
सिख विरोधी दंगे के महत्वपूर्ण बिंदु:
- 34 आरोपियों की एसआईटी कर चुकी है गिरफ्तारी
- 32 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
- 96 आरोपी बनाए गए थे सिख विरोधी दंगे में
- 22 आरोपियों की हो चुकी है मौत
- 40 आरोपी हो चुके हैं चिह्नित, बाकी है गिरफ्तारी