Kanpur: आईआईटी में आत्महत्या की घटनाएं रोकने के लिए बनेगा ओपन फोरम, मन की बात कह सकेंगे छात्र, ये है तैयारियां
Kanpur News: आईआईटी कानपुर में आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए ओपन फोरम और वेलनेस व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जा रहा है। वर्तमान में संस्थान के 28 छात्र डिप्रेशन और तनाव का इलाज करा रहे हैं।
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कानपुर आईआईटी में आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए ओपन फोरम बनाने की तैयारी है। इसमें छात्र-छात्राएं अपनी समस्याएं खुलकर रख सकेंगे और उन्हें तुरंत समाधान प्रदान किया जाएगा। बीते दिनों केंद्रीय टीम ने इंस्टीट्यूट का दौरा कर शिक्षकों, छात्रों और अन्य स्टाफ से संवाद किया था। टीम ने सुझाव दिया था कि छात्रों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए, जिसमें वे अपनी निजी समस्याओं को साझा कर सकें और मनोवैज्ञानिक सहायता ले सकें।
आईआईटी में डेढ़ साल में हुईं आत्महत्या की घटनाओं के मद्देनजर केंद्रीय टीम ने 13 फरवरी को संस्थान का दौरा किया था। इसमें वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. जितेंद्र नागपाल, ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) के डॉ. अनिल सहस्त्रबुद्धे, उच्च शिक्षा मंत्रालय के निदेशक देवेंद्र कुमार शर्मा आदि थे। टीम के सदस्यों ने वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक वाजपेयी तथा आत्महत्या की जांच करने वाली कमेटी के अध्यक्ष जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय चौधरी से बात की थी।
ओपन फोरम भी बनेगा, व्हाट्सएप ग्रुप बना हुआ है
टीम ने विभिन्न विभागों में जाकर छात्र-छात्राओं और दूसरे स्टाफ से भी बात की थी। इसके साथ ही आत्महत्या की घटना की जांच रिपोर्ट के संबंध में जानकारी ली। टीम ने वेलनेस व्हाट्सएप ग्रुप बनाने की सलाह दी। काउंसलर सर्विसेस ने बताया कि इस समय 28 छात्र इलाज ले रहे हैं। इंस्टीट्यूट के काउंसलर वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. वाजपेयी ने बताया कि टीम ने जो सुझाव दिया उस पर एहतियात पहले से ही बरती जा रही है। ओपन फोरम भी बनेगा। व्हाट्सएप ग्रुप बना हुआ है।