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कानपुर: 26 साल पुराने मामले में अधिवक्ता गिरफ्तार, गलत घर में दबिश पर मुख्यमंत्री से शिकायत
Sat, 11 Sep 2021 10:59 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 11 Sep 2021 10:59 PM IST
सार
विवेचना के दौरान गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास (आईपीसी 308) की धारा बढ़ाई गई थी। हालांकि सुनवाई के दौरान ये धारा हटा दी गई थी। आरोपियों ने कोर्ट से जमानत ले ली थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि राजकुमार व प्रशांत कई वर्षों से पेशी पर नहीं जा रहे थे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कानपुर में सीसामऊ पुलिस ने शुक्रवार रात 26 साल पुराने के एक केस में अधिवक्ता राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया। केस के दूसरे आरोपी अधिवक्ता प्रशांत बाजपेई की गिरफ्तारी के लिए कल्याणपुर में गलत घर में दबिश दे दी। वह घर बार एवं लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष का था।
दबिश से नाराज पूर्व अध्यक्ष ने शनिवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सीसामऊ इंस्पेक्टर पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। उधर गिरफ्तार राजकुमार सिंह को कोर्ट से जमानत मिल गई। सीसामऊ इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी ने बताया कि सन 1995 में अधिवक्ता राजकुमार सिंह उर्फ राजू, अधिवक्ता प्रशांत बाजपेई उर्फ विक्कू समेत चार के खिलाफ मारपीट, धमकी देने और गाली गलौज करने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास (आईपीसी 308) की धारा बढ़ाई गई थी। हालांकि सुनवाई के दौरान ये धारा हटा दी गई थी। आरोपियों ने कोर्ट से जमानत ले ली थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि राजकुमार व प्रशांत कई वर्षों से पेशी पर नहीं जा रहे थे। इसलिए उनके खिलाफ कोर्ट ने एनबीडब्ल्यू जारी किया था। इसलिए शुक्रवार रात को राजकुमार की गिरफ्तारी की गई। मगर प्रशांत की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो सकी। गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
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दबिश से नाराज पूर्व अध्यक्ष ने शनिवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सीसामऊ इंस्पेक्टर पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। उधर गिरफ्तार राजकुमार सिंह को कोर्ट से जमानत मिल गई। सीसामऊ इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी ने बताया कि सन 1995 में अधिवक्ता राजकुमार सिंह उर्फ राजू, अधिवक्ता प्रशांत बाजपेई उर्फ विक्कू समेत चार के खिलाफ मारपीट, धमकी देने और गाली गलौज करने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था।
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विवेचना के दौरान गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास (आईपीसी 308) की धारा बढ़ाई गई थी। हालांकि सुनवाई के दौरान ये धारा हटा दी गई थी। आरोपियों ने कोर्ट से जमानत ले ली थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि राजकुमार व प्रशांत कई वर्षों से पेशी पर नहीं जा रहे थे। इसलिए उनके खिलाफ कोर्ट ने एनबीडब्ल्यू जारी किया था। इसलिए शुक्रवार रात को राजकुमार की गिरफ्तारी की गई। मगर प्रशांत की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो सकी। गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
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रात दो बजे खटखटाया गलत घर
पुलिस ने पहले प्रशांत के घर पर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। उसके बाद पुलिस टीम कल्याणपुर के इंदिरा नगर चौकी क्षेत्र स्थित बार व लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार बाजपेई के घर पर देर रात 1:57 बजे पहुंची।
सुरेंद्र कुमार बाजपेई का कहना है कि पुलिस ने जबरन गेट खुलवाने का प्रयास किया जबकि उनके पास सर्च वारंट नहीं था। इस दौरान सीसामऊ इंस्पेक्टर ने अभद्रता की और धमकी दी कि दस मिनट में गेट नहीं खुला तो अच्छा नहीं होगा। जिसके बाद सुरेंद्र ने कई पदाधिकारियों व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत की।
आखिर में पुलिस लौट गई। इस पूरे प्रकरण के संबंध में सुरेंद्र ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की। हालांकि पुलिस का कहना है कि प्रशांत के मोबाइल की लोकेशन सुरेंद्र के घर पर मिली थी। इसलिए वहां पुलिस की टीम गई थी। अभद्रता नहीं की गई। जब गेट नहीं खोला गया तो टीम लौट आई।
पुलिस ने पहले प्रशांत के घर पर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। उसके बाद पुलिस टीम कल्याणपुर के इंदिरा नगर चौकी क्षेत्र स्थित बार व लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार बाजपेई के घर पर देर रात 1:57 बजे पहुंची।
सुरेंद्र कुमार बाजपेई का कहना है कि पुलिस ने जबरन गेट खुलवाने का प्रयास किया जबकि उनके पास सर्च वारंट नहीं था। इस दौरान सीसामऊ इंस्पेक्टर ने अभद्रता की और धमकी दी कि दस मिनट में गेट नहीं खुला तो अच्छा नहीं होगा। जिसके बाद सुरेंद्र ने कई पदाधिकारियों व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत की।
आखिर में पुलिस लौट गई। इस पूरे प्रकरण के संबंध में सुरेंद्र ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की। हालांकि पुलिस का कहना है कि प्रशांत के मोबाइल की लोकेशन सुरेंद्र के घर पर मिली थी। इसलिए वहां पुलिस की टीम गई थी। अभद्रता नहीं की गई। जब गेट नहीं खोला गया तो टीम लौट आई।