{"_id":"68b9b6c22799d8174709bb29","slug":"kanpur-abvp-workers-burnt-the-effigy-of-the-minister-amid-a-tussle-with-the-police-2025-09-04","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Kanpur: पुलिस से नोकझोंक के बीच एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने फूंका मंत्री का पुतला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur: पुलिस से नोकझोंक के बीच एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने फूंका मंत्री का पुतला
Thu, 04 Sep 2025 10:37 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 04 Sep 2025 10:37 PM IST
विज्ञापन
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को छात्रों से हो रही धोखाधड़ी के विरोध में परेड चौराहे पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान फूंकने के लिए लाए गए मंत्री ओमप्रकाश राजभर के पुतले को छीनने पर कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। विरोध में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए सड़कों पर लेट गए। इसी बीच पीपीएन कॉलेज के सामने कार्यकर्ताओं ने दूसरा पुतला लाकर फूंक दिया।
विज्ञापन
भारी पुलिस फोर्स मौके पर
- फोटो : अमर उजाला
कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। महानगर मंत्री मयंक पासवान ने कहा कि श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (SRMU), बाराबंकी में छात्रों से की जा रही खुली लूट और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से विधि पाठ्यक्रमों की मान्यता न होने के बावजूद प्रवेश के नाम पर हो रही धोखाधड़ी के जैसी समस्याओं के समाधान की मांग छात्र कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की जायज आवाज को दबाने के लिए पुलिस बल और बाहरी असामाजिक तत्वों की मदद से आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले में मंत्री ओमप्रकाश राजभर का एबीवीपी छात्रों को गुंडा कहना और उन पर लाठीचार्ज को सही ठहराना लोकतंत्र की आत्मा के साथ खुला धोखा है। डीएम को ज्ञापन सौंपकर 48 घंटे के अंदर कार्रवाई की मांग की है।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
यदि राजभर ने माफी नहीं मांगी तो विरोध प्रदर्शन का स्वरूप और बड़ा होगा। सुधांशु, दिनेश यादव, आशुतोष, ख़ुशी, एल्विन, उज्ज्वल, उपेंद्र, प्रभात, पीयूष, दीपक, गुंजन, राम, हर्षित, ज्ञानेंद्र, अर्जुन, प्रतिमेश, श्रेयांश, समीर, नैतिक, आयुष, आदित्य, प्रखर, अभिलाष सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।