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कानपुर: पिटाई से हुआ था गर्भपात, पुलिस नहीं बढ़ा रही धारा, 16 दिसंबर को गर्भ में बच्चे की हो गई थी मौत
Tue, 29 Dec 2020 04:08 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 29 Dec 2020 04:08 PM IST
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यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के चकेरी में ससुरालीजनों की पिटाई से गर्भ में ही बच्चे की मौत के मामले में पुलिस की रवैया सवालों के घेरे में हैं। पीड़िता के पिता का आरोप है कि पुलिस ने मामले में धारा 313 (पिटाई से गर्भपात) बढ़ाने की बात कही थी। अब मुकर रही है।
चकेरी के पोखरपुर निवासी आकिब लारी ने नौ दिसंबर को गर्भवती पत्नी के पेट पर लात मारकर घर से निकाले के साथ ही तलाक दे दिया था। हालत बिगड़ने पर उसे उर्सला में भर्ती कराया गया था। 16 दिसंबर को गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई थी।
मामले में मारपीट, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और तीन तलाक के कानून के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। पीड़िता के पिता ने बताया कि मामले की जांच दरोगा अविसार चौधरी कर रहे हैं। उन्होंने धारा बढ़ाने से इंकार कर दिया है।
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उनका कहना है कि बच्चे की मौत पिटाई से नहीं, बल्कि खुद हुई है। एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल का कहना है कि मामला गंभीर है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर केस में धारा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अगर जांच अधिकारी लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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चकेरी के पोखरपुर निवासी आकिब लारी ने नौ दिसंबर को गर्भवती पत्नी के पेट पर लात मारकर घर से निकाले के साथ ही तलाक दे दिया था। हालत बिगड़ने पर उसे उर्सला में भर्ती कराया गया था। 16 दिसंबर को गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई थी।
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मामले में मारपीट, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और तीन तलाक के कानून के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। पीड़िता के पिता ने बताया कि मामले की जांच दरोगा अविसार चौधरी कर रहे हैं। उन्होंने धारा बढ़ाने से इंकार कर दिया है।
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उनका कहना है कि बच्चे की मौत पिटाई से नहीं, बल्कि खुद हुई है। एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल का कहना है कि मामला गंभीर है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर केस में धारा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अगर जांच अधिकारी लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।