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कानपुर: रिंग रोड का नए सिरे से सर्वे, जद में आ सकती हैं कई बस्तियां, इसी महीने डीपीआर तैयार करने के निर्देश
Sat, 20 Nov 2021 01:05 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 20 Nov 2021 01:05 PM IST
सार
रिंग रोड के लिए इसी महीने सर्वे पूरा करने के साथ ही संशोधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले डीपीआर स्वीकृत कराने की कोशिश है।
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रिंग रोड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर में एनएचएआई ने रिंग रोड के लिए नए सिरे से सर्वे शुरू कर दिया है। अब कई बस्तियां इसकी जद में आ सकती हैं। सूत्र बताते हैं कि पहली डीपीआर बस्तियों, पेड़ों और गहरी जमीन आदि को बचाते हुए तैयार की गई थी। मगर जगह जगह घुमाव और गोलाई की वजह से भूतल परिवहन मंत्रालय ने 12 नवंबर को इसे खारिज कर दिया था।
शुरुआती स्वीकृति के आधार पर ही दोबारा डीपीआर बनाने के निर्देश दिए थे। अब कंसल्टेंट एजेंसी को इसी महीने सर्वे पूरा करने के साथ ही संशोधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले डीपीआर स्वीकृत कराने की कोशिश है।
भूतल परिवहन मंत्रालय से स्वीकृति के बाद रिंग रोड का निर्माण शुरू हो जाएगा। एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज मिश्रा ने बताया कि मंत्रालय के निर्देशानुसार रिंग रोड के लिए संशोधित डीपीआर तैयार कराई जा रही है।
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शुरुआती स्वीकृति के आधार पर ही दोबारा डीपीआर बनाने के निर्देश दिए थे। अब कंसल्टेंट एजेंसी को इसी महीने सर्वे पूरा करने के साथ ही संशोधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले डीपीआर स्वीकृत कराने की कोशिश है।
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भूतल परिवहन मंत्रालय से स्वीकृति के बाद रिंग रोड का निर्माण शुरू हो जाएगा। एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज मिश्रा ने बताया कि मंत्रालय के निर्देशानुसार रिंग रोड के लिए संशोधित डीपीआर तैयार कराई जा रही है।
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तीन जिलों को जोड़ेगा रिंग रोड
रिंग रोड 93 किमी लंबा बनना है। इसमें देहात और उन्नाव जिले की जमीन भी शामिल है। इसके लिए चार महीने पहले भूतल परिवहन मंत्रालय की शुरुआती सहमति मिल चुकी है। एनएचएआई ने साईं कंसल्टेंट से रिंग रोड की डीपीआर तैयार कराकर पिछले महीने भूतल परिवहन मंत्रालय को भेजी थी।
पहले चरण में 22.50 किमी का निर्माण
रिंग रोड के पहले चरण में मंधना से सचेंडी तक 22.50 किलोमीटर लंबा हाइवे बनेगा। नगर और देहात जिले के 78 गांवों से होकर यह हाइवे गुजरेगा। इसके बनने से जीटी रोड में कन्नौज, कासगंज की तरफ से बुंदेलखंड, प्रयागराज, लखनऊ की तरफ जाने वाले वाहनों को शहर से होकर आना जाना नहीं पड़ेगा। शहरवासियों को भी जाम से राहत मिलेगी। प्रदूूषण, हादसे भी घटेंगे।
इन गांवों से होकर गुजरेगा
मंधना से सचेंडी के बीच जिन 78 गांवों से होकर हाइवे गुजरेगा उनमें मकसूदाबाद, रैकेपुर, गंभीरपुर, चौबेपुर कला, गोविंदेपुर, पचोर, बननी, रुद्रापुर, दिलावरपुर टोसवा, इटरा, रायगोपालपुर, ततारपुर, चक बहरमपुर, बैसठी, शेरपुर बैरा, इंदलपुर जुगराज, ताजपुर, हंसपुर आदि प्रमुख गांव शामिल हैं।
रिंग रोड 93 किमी लंबा बनना है। इसमें देहात और उन्नाव जिले की जमीन भी शामिल है। इसके लिए चार महीने पहले भूतल परिवहन मंत्रालय की शुरुआती सहमति मिल चुकी है। एनएचएआई ने साईं कंसल्टेंट से रिंग रोड की डीपीआर तैयार कराकर पिछले महीने भूतल परिवहन मंत्रालय को भेजी थी।
पहले चरण में 22.50 किमी का निर्माण
रिंग रोड के पहले चरण में मंधना से सचेंडी तक 22.50 किलोमीटर लंबा हाइवे बनेगा। नगर और देहात जिले के 78 गांवों से होकर यह हाइवे गुजरेगा। इसके बनने से जीटी रोड में कन्नौज, कासगंज की तरफ से बुंदेलखंड, प्रयागराज, लखनऊ की तरफ जाने वाले वाहनों को शहर से होकर आना जाना नहीं पड़ेगा। शहरवासियों को भी जाम से राहत मिलेगी। प्रदूूषण, हादसे भी घटेंगे।
इन गांवों से होकर गुजरेगा
मंधना से सचेंडी के बीच जिन 78 गांवों से होकर हाइवे गुजरेगा उनमें मकसूदाबाद, रैकेपुर, गंभीरपुर, चौबेपुर कला, गोविंदेपुर, पचोर, बननी, रुद्रापुर, दिलावरपुर टोसवा, इटरा, रायगोपालपुर, ततारपुर, चक बहरमपुर, बैसठी, शेरपुर बैरा, इंदलपुर जुगराज, ताजपुर, हंसपुर आदि प्रमुख गांव शामिल हैं।