{"_id":"67e2ea2f2bf6a5079104f9d6","slug":"kanpur-a-ball-sized-clump-of-hair-was-removed-from-the-stomach-of-a-three-year-old-girl-2025-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur: तीन साल की बच्ची के पेट से निकाला गेंद के बराबर बालों का गुच्छा, डॉक्टरों ने दो घंटे में की सर्जरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur: तीन साल की बच्ची के पेट से निकाला गेंद के बराबर बालों का गुच्छा, डॉक्टरों ने दो घंटे में की सर्जरी
Tue, 25 Mar 2025 11:12 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 25 Mar 2025 11:12 PM IST
सार
Kanpur News: तीन साल की बच्ची के पेट से डॉक्टरों ने गेंद के बराबर बालों का गुच्छा निकाला। इतनी कम आयु की बच्ची के पेट से बाल का गुच्छा निकालने का यह पहला मामला है।
विज्ञापन
हैलट में बच्चे के पेट से बालों का गुच्छा निकालने वाली डॉक्टरों की टीम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हैलट में तीन साल की बच्ची के पेट से क्रिकेट की गेंद के बराबर बालों का गुच्छा डॉक्टरों ने निकाला है। बाल के गुच्छे में धागे भी मिले हुए थे। रोगी के पेट में बाल छोटी आंत तक पहुंच गए जिससे डॉक्टरों को बहुत मशक्कत करनी पड़ी। इतने छोटे बच्चे के पेट से बालों का गुच्छा निकाले जाने की यह पहली सर्जरी है। सर्जरी पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. आरके त्रिपाठी और डॉ. श्रद्धा वर्मा की टीम ने की।
उन्होंने बताया कि इस दुर्लभ किस्म की सर्जरी से बालों का गुच्छा निकालने में दो घंटे का समय लगा। रोगी अब बिल्कुल ठीक है। बच्ची को बाल खाने की आदत रही है। पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि बच्ची को पेट दर्द, उल्टी और पेट में गांठ की शिकायत पर परिजन अस्पताल लाए थे। डायग्नोस्टिक जांचों के बाद पेट में बालों के गुच्छे ट्राइकोबेजोआर की पुष्टि हुई।
यह रपुंजल सिंड्रोम से जुड़ी बीमारी होती है। इसमें बच्चा लगातार बाल निगलता है जो आंतों में जमा होकर गांठ का रूप ले लेता है। आमतौर पर यह आदत किशोरियों में देखी जाती है लेकिन इतनी छोटी बच्ची का यह दुर्लभ मामला है। सर्जरी के 14 दिन के बाद रोगी को छुट्टी दे दी गई। सर्जरी टीम में डॉ. सचिन कुमार, डॉ. नवीन पटेल, डॉ. शशांक सिंह और डॉ. दिलीप, डॉ. सुरभि, डॉ. शिखा आदि शामिल रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस दुर्लभ किस्म की सर्जरी से बालों का गुच्छा निकालने में दो घंटे का समय लगा। रोगी अब बिल्कुल ठीक है। बच्ची को बाल खाने की आदत रही है। पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि बच्ची को पेट दर्द, उल्टी और पेट में गांठ की शिकायत पर परिजन अस्पताल लाए थे। डायग्नोस्टिक जांचों के बाद पेट में बालों के गुच्छे ट्राइकोबेजोआर की पुष्टि हुई।
विज्ञापन
यह रपुंजल सिंड्रोम से जुड़ी बीमारी होती है। इसमें बच्चा लगातार बाल निगलता है जो आंतों में जमा होकर गांठ का रूप ले लेता है। आमतौर पर यह आदत किशोरियों में देखी जाती है लेकिन इतनी छोटी बच्ची का यह दुर्लभ मामला है। सर्जरी के 14 दिन के बाद रोगी को छुट्टी दे दी गई। सर्जरी टीम में डॉ. सचिन कुमार, डॉ. नवीन पटेल, डॉ. शशांक सिंह और डॉ. दिलीप, डॉ. सुरभि, डॉ. शिखा आदि शामिल रहीं।
विज्ञापन