Kanpur: पैमाइश के नाम पर मांगे थे 90 हजार…चकबंदी लेखपाल निलंबित, जांच रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने की कार्रवाई
Kanpur News: जांच के दौरान पता चला कि जोत चकबंदी अधिनियम के तहत अधिसूचित ग्रामों में धारा 24 से पूर्व किसी जमीन की नाप व कब्जा परिवर्तन का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद लेखपाल ने मनमाने ढंग से जमीन की नापकर अवैध रूप से कब्जा दिलाया दिया।
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कानपुर में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को जमीन की पैमाइश के नाम पर रुपये वसूलने के आरोपी चकबंदी लेखपाल कमलाकांत मौर्य को निलंबित कर दिया है। शनिवार को नरवल तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी से लेखपाल की शिकायत की गई थी। बंदोबस्त अधिकारी ने जांच की तो मामला सही पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई की।
जिलाधिकारी संपूर्ण समाधान दिवस पर लोगों की फरियाद सुन रहे थे। इसी दौरान नरवल निवासी दिव्यांग राकेश प्रजापति ने लेखपाल कमलाकांत मौर्य पर जमीन की पैमाइश करने के नाम पर 90 हजार रुपये वसूलने तथा 20 हजार रुपए की और मांग करने का आरोप लगाया था। वहीं, मनीष सिंह चौहान ने भी वरासत के नाम पर 20 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया था। जिलाधिकारी ने मामले की जांच बंदोबस्त अधिकारी मोहम्मद असलम चकबंदी को दी थी।
दोनों मामलों में लेखपाल को पाया गया था दोषी
जांच के दौरान पता चला कि जोत चकबंदी अधिनियम के तहत अधिसूचित ग्रामों में धारा 24 से पूर्व किसी जमीन की नाप व कब्जा परिवर्तन का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद लेखपाल ने मनमाने ढंग से जमीन की नापकर अवैध रूप से कब्जा दिलाया दिया। वहीं, एक वरासत के मामले को बिना किसी कारण के लंबित रखा गया। दोनों मामलों में लेखपाल को दोषी पाया गया था।