5600 करोड़ की महाठगी: पुलिस ने हायर कीं जासूसी एजेंसियां, दुबई से हैदराबाद आते ही दबोचा, बैंक अफसर भी रडार पर
Kanpur News: कानपुर में 5600 करोड़ रुपये की महाठगी के आरोपी साहजेब वारिस को कमिश्नरेट पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय डिटेक्टिव एजेंसियों की मदद से हैदराबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है। वह दुबई भाग गया था, जहां प्राइवेट जासूसों ने उस पर नजर रखी।
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कानपुर में 5600 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन के मामले में पकड़े गए महाठग साहजेब वारिस को किसी भी हाल में पकड़ने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया। 5000 पन्नों की रिपोर्ट सामने आने के बाद आरोपी के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए। इसकी भनक लगते ही साहजेब दुबई भाग गया। पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कराया।
साथ ही, कमिश्नरेट पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की दो जासूसी एजेंसियों को भी हायर किया। एजेंसियों को साहजेब की तस्वीर से लेकर पासपोर्ट की डिटेल व अन्य जानकारियां मुहैया कराई गईं। आरोपी 18 अगस्त को मुकदमा दर्ज होते ही वह टिकट करा कर दुबई निकल गया। हालांकि, तीन दिन बाद वापस आ गया। सूचना लगते ही जासूस ने कमिश्नरेट पुलिस को सूचना दी।
दुबई में हर मूवमेंट पर नजर रखी
टीम जबतक वहां पहुंचती साहजेब को खबर लग गई और वह दोबारा 25 अगस्त को पांच साथियों के साथ दुबई निकल गया। प्राइवेट जासूस ने दुबई में उसके हर मूवमेंट पर नजर रखी। इधर गुरुवार को साहजेब दुबई से हैदराबाद जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा। जासूस ने कमिश्नरेट पुलिस को इसकी सूचना दी। आरोपी जैसे ही एयरपोर्ट के बाहर आया। पुलिस की टीम ने उसे धर दबोचा।
दरोगा के बेटे के खाते में आठ दिन में आए 180 करोड़
अबतक की सबसे बड़ी ठगी का खुलासा होने के बाद पुलिस की जांच में रोज नए तथ्य सामने आ रहे हैं। मामले में वांछित चल रहा चकेरी के सनिगवां निवासी दरोगा के बेटे इखलाख हुसैन के खाते में वर्ष 2024 में आठ दिन में 180 करोड़ रुपये आए थे। बैंक ने संदिग्ध लेनदेन देख स्थानीय पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने दो दिन तक उससे थाने में बैठाकर पूछताछ की थी।
बोगस फर्मों को दिखाते हुए खुद को बड़ा कारोबारी
हालांकि, पुलिस ने बाद में उसे छोड़ दिया था। सीपी रघुबीरलाल ने बताया कि इखलाख का बैंक ऑफ बड़ौदा की पटेलनगर शाखा में खाता है। खाते में दो साल पहले आठ दिन में 1200 ट्रांजेक्शन करते हुए 180 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया था। बैंक की सूचना पर पुलिस ने आरोपी को उठाकर पूछताछ की, तो उसने अपनी उन्हीं बोगस फर्मों को दिखाते हुए खुद को बड़ा कारोबारी बताया। इसपर पुलिस ने उसे छोड़ दिया था।
अभी पांच खातों में 89 करोड़ रुपये
इखलाख के एचडीएफसी बैंक में दो खाते पाए गए हैं जबकि बीओबी में एक, एसबीआई में एक और आईसीआईसीई में एक खाता मिला है। पांच खातों में 89 करोड़ रुपये मिले हैं जिन्हें पुलिस ने फ्रीज करा दिया है।
एसबीआई के अधिकारी ने 20 लाख घूस ले कर दिया लोन
पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य मोहम्मद आरिफ ने एसबीआई की फीलखाना बैंक में दो करोड़ रुपये के लोन के लिए अप्लाई किया था। इसे तब वहां कार्यरत अधिकारी मनीष ने 20 लाख घूस लेकर 1.75 करोड़ रुपये जारी कर दिए। मनीष अब हरदोई में तैनात है। पुलिस ने बैंक को पत्र लिख कार्रवाई के लिए कहा है।