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मजहब का वास्ता देकर समझौते का शुरू हुआ दबाव
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कन्नौज। मस्जिद में घुसकर इमाम को पीटने के मामले में आरोपियों के परिजन और स्थानीय लोग समझौते का दबाव बना रहे हैं। पीड़ित इमाम को मजहब का वास्ता देखकर मुकदमा वापस लेने को कहा जा रहा है।
लॉकडाउन के चलते 25 मार्च से मोहम्मदी मस्जिद में हाफिज मोइन उल हक लोगों से सामूहिक रूप से नमाज पढ़ने से मना कर रहे हैं। मस्जिद घनी बस्ती में होने के कारण 26 मार्च को उन्होंने मस्जिद में घर पर नमाज पढ़ने की नोटिस चस्पा कर दी थी।
इसके बाद भी लोग उन पर नमाज पढ़ाने का दबाव बना रहे थे। रविवार को मोहम्मद अकबर और चंदन लोगों को भड़का कर मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए पहुंचे थे। इमाम के इनकार करते ही मारपीट शुरू कर दी थी।
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एफआईआर के बाद अब आरोपियों के परिजन समझौता कर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। इमाम ने कहा कि उन्हें कानून पर भरोसा है। उनके साथ इंसाफ होगा।
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लॉकडाउन के चलते 25 मार्च से मोहम्मदी मस्जिद में हाफिज मोइन उल हक लोगों से सामूहिक रूप से नमाज पढ़ने से मना कर रहे हैं। मस्जिद घनी बस्ती में होने के कारण 26 मार्च को उन्होंने मस्जिद में घर पर नमाज पढ़ने की नोटिस चस्पा कर दी थी।
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इसके बाद भी लोग उन पर नमाज पढ़ाने का दबाव बना रहे थे। रविवार को मोहम्मद अकबर और चंदन लोगों को भड़का कर मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए पहुंचे थे। इमाम के इनकार करते ही मारपीट शुरू कर दी थी।
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एफआईआर के बाद अब आरोपियों के परिजन समझौता कर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। इमाम ने कहा कि उन्हें कानून पर भरोसा है। उनके साथ इंसाफ होगा।