{"_id":"5e282dab8ebc3e4b2033a26d","slug":"kannauj-bus-accident-dna-sample-send-again-for-the-inspection","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कन्नौज बस हादसा: गलती सुधार कर लखनऊ में जमा कराए गए डीएनए सैंपल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कन्नौज बस हादसा: गलती सुधार कर लखनऊ में जमा कराए गए डीएनए सैंपल
Wed, 22 Jan 2020 05:17 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 22 Jan 2020 05:17 PM IST
विज्ञापन
कन्नौज हादसा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कन्नौज में 10 जनवरी को हुए बस हादसे में मृतकों की शिनाख्त के लिए डीएनए सैंपल को फिर से लखनऊ भेजा गया है। फार्म में रिश्ते का जिक्र न किए जाने के कारण सैंपल शनिवार को लौटा दिए गए थे। सोमवार को इंस्पेक्टर छिबरामऊ ने जिला अस्पताल में फार्म को पूरा भरवाया था, इसके बाद सैंपल के साथ इसे मंगलवार को लखनऊ के लिए रवाना किया।
अफसरों की लापरवाही से मृतकों की शिनाख्त हादसे के 11 दिन बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। लापरवाही का आलम यह है कि डीएनए सैंपल गुरुवार को छह लोगों के लिए गए थे लेकिन उसे अभी तक लखनऊ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला नहीं भेजा जा सका था।
विज्ञापन
अफसरों की लापरवाही से मृतकों की शिनाख्त हादसे के 11 दिन बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। लापरवाही का आलम यह है कि डीएनए सैंपल गुरुवार को छह लोगों के लिए गए थे लेकिन उसे अभी तक लखनऊ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला नहीं भेजा जा सका था।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में गुरुवार शाम छिबरामऊ के जेर किला निवासी हसीन बानो पत्नी सफीउल्ला (लापता नूरी की मां), कासगंज के गंज डुंडवारा निवासी नाजिम वारिसी पुत्र बसीम (लापता तान्या के पिता), फर्रुखाबाद के कमालगंज उगरापुर निवासी रईस अहमद पुत्र मो. उमर (लापता लईक का भाई), नफीस अहमद पुत्र मो. उमर (लापता लईक का भाई), कानपुर नगर के फैजफुलगंज रेल बाजार निवासी शहजहां बेगम पत्नी मो. इरफान (लापता शाहिदा बेगम की मां), तालग्राम के अमोलर निवासी उर्मिला देवी पत्नी कृपाशंकर राठौर (लापता प्रिया की मां) का डीएनए सैंपल जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. सतेंद्र शाहू ने लिया था।
प्रत्येक सैंपल के साथ एक फार्म भरा जाना था, जिसमें मृतकों अथवा लापता व्यक्ति के नाम पता आदि के साथ ही सैंपल देने वाले के बारे में जानकारी भी भरी जानी थी। इसी फार्म में रिश्ते का एक कालम भी है, जिसे डाक्टर ने नहीं भरा और सैंपल के साथ छिबरामऊ पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
प्रत्येक सैंपल के साथ एक फार्म भरा जाना था, जिसमें मृतकों अथवा लापता व्यक्ति के नाम पता आदि के साथ ही सैंपल देने वाले के बारे में जानकारी भी भरी जानी थी। इसी फार्म में रिश्ते का एक कालम भी है, जिसे डाक्टर ने नहीं भरा और सैंपल के साथ छिबरामऊ पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
यहां से डीएनए सैंपल और फार्म को जांच अधिकारी रामबदन ने लखनऊ की विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जमा किया तो फार्म में रिश्ते का कालम छूटा था। जिस कारण प्रयोगशाला से इन सैंपलों और फार्म को वापस कर दिया गया। फार्म वापस आने पर एसपी ने इस पर नाराजगी जताई को सोमवार को छिबरामऊ कोतवाली प्रभारी शैलेंद्र मिश्रा जिला अस्पताल पहुंचे और चिकित्सक सतेंद्र शाहू से मिलकर अधूरे कागजातों को तैयार कराया था।
मंगलवार सुबह कांस्टेबल जितेंद्र कुमार इन सैंपल और फार्म को लेकर लखनऊ गया जहां सैंपल को जमा कर दिया गया। इंस्पेक्टर छिबरामऊ शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि फार्म के साथ सैंपल को लखनऊ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जमा करा दिया गया है।
मंगलवार सुबह कांस्टेबल जितेंद्र कुमार इन सैंपल और फार्म को लेकर लखनऊ गया जहां सैंपल को जमा कर दिया गया। इंस्पेक्टर छिबरामऊ शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि फार्म के साथ सैंपल को लखनऊ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जमा करा दिया गया है।