UP: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित सफर, 90 करोड़ से लगेंगे क्रैश बैरियर, 150 करोड़ के बजट से होगा नवीनीकरण
Kannauj News: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का 150 करोड़ रुपये के बजट से नवीनीकरण किया जाएगा। इसमें 90 करोड़ की लागत से सेंट्रल मीडियन पर क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे, ताकि विपरीत दिशा में वाहनों की टक्कर को रोका जा सके। साथ ही, आधुनिक कैमरे भी लगाए जाएंगे।
विस्तार
कन्नौज जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का नौ साल बाद नवीनीकरण किया जाएगा। इस बार रोड सेफ्टी ऑडिट होगा, जिसमें हादसों को रोकने लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें सेंट्रल मीडियन (दो लेन के बीच वाली) पर 90 करोड़ की लागत से क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे, जो दो वाहनों में टक्कर को रोकेंगे। साथ ही आधुनिक कैमरे लगने से हादसों की जांच करने में आसानी होगी। शासन ने एक्सप्रेसवे की मरम्मत व नवीनीकरण के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे 21 नवंबर 2016 को शुरू हुआ था। मरम्मत का काम लगातार चलता रहा पर नवीनीकरण नहीं किया गया था। अब प्रदेश सरकार ने अन्य सभी एक्सप्रेसवे की तरह इसको सुरक्षा के दृष्टिकोण से आधुनिक स्वरूप देने का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) के मुताबिक एक्सप्रेसवे के सेंट्रल मीडियन पर हादसे रोकने के लिए कंक्रीट व स्टील के क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे। इसके लिए 90 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
क्रैश बैरियर का काम
एक्सप्रेसवे के सेंट्रल मीडियन पर हादसे रोकने के लिए कंक्रीट व स्टील के क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे, जिससे वाहन एक लेन से दूसरी लेन पर नहीं जाएगा। चालक को झपकी लग गई तो वाहन भी नहीं पलटेगा। क्रैश बैरियर एक सुरक्षा प्रणाली है जो सड़कों और एक्सप्रेसवे पर वाहनों को आपस में टकराने से रोकती है और दुर्घटना की स्थिति में नुकसान को कम करती है। यह एक मजबूत और लचीली संरचना होती है जो सड़क के मध्य में या किनारे पर लगाई जाती है।
सभी लेनों का होगा समतलीकरण, बनाई जाएंगी रेडियम पट्टी
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर छह लेन हैं। इन सभी लेनों का समतलीकरण कर नए सिरे से डामरीकरण होगा। कोहरे में वाहन चालकों के लिए पीली व सफेद रेडियम पट्टी बनाई जाएगी। डिवाइडर से लेकर दोनों किनारों पर कैट आई लाइटें व रेडियम साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे जिससे कोहरे में दृश्यता कम होने पर चालकों को परेशानी न हो।
दोनों तरफ लगेगी जाली, अवैध कट होंगे बंद
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ लोहे की जाली लगाई है पर कई ग्रामीणों ने गांव के सामने जाली काट कर अवैध कट बना लिए तो नीचे ग्रीन कॉरिडोर में लगी कंटीले तारों की फेंसिंग भी काट ली। अब दोनों तरफ स्टील की मजबूत जाली लगाई लगाई जाएगी और अवैध कट पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। कई बार इन अवैध कटों से नीलगाय व हिरन भी पहुंच गए, जिनसे हादसे भी हो चुके हैं।
ई-मॉनीटरिंग सिस्टम से होगा तत्काल चालान
एक्सप्रेसवे पर सिंगापुर की तकनीक पर आधारित ई-मॉनीटरिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। इसमें सीसीटीवी के साथ स्पीड सेंसर व स्पीड राडार गन भी होगी, जो निर्धारित गति सीमा से अधिक होने पर तत्काल चालान कर देगा। साथ ही कोई हादसा होने पर सेंट्रल मॉनीटरिंग सिस्टम से इसके फुटेज भी निकल सकेंग जिससे जांच में मदद मिली। हादसे के वक्त वाहन की गति क्या थी, इसकी भी जानकारी हो जाएगी। कैमरे नाइट विजन होंगे जो रात में भी कई किलोमीटर तक स्पष्ट रिकॉर्डिंग करेंगे।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के नवीनीकरण व मरम्मत के लिए शासन से 150 करोड़ रुपये का बजट मिला है। इससे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की तरह आधुनिक तकनीक से सज्जित किया जाएगा। कार्यदायी संस्था बृजगोपाल कांस्ट्रक्शन को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। जल्द ही रोड सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा। -राजेश पांडेय, नोडल अधिकारी, यूपीडा