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कालिंदी विस्फोट की जांच नहीं बढ़ सकी आगे, छह माह बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची जीआरपी

Fri, 23 Aug 2019 05:55 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 23 Aug 2019 05:55 PM IST
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kalindi express blast investigation update
कालिंदी एक्सप्रेस धमाका
छह माह पूर्व कानपुर के पास बर्राजपुर रेलवे स्टेशन पर कालिंदी एक्सप्रेस ट्रेन में हुए विस्फोट कांड की जांच ठंडे बस्ते में पड़ी है। घटनास्थल पर मिले अधजले पत्र की लखनऊ लैब से जांच रिपोर्ट तक नहीं आई। इसी के चलते जांच कर रही स्थानीय जीआरपी थाना पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही है।
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हालांकि उस वक्त प्रथमदृष्ट्या जांच में घटना के किसी शरारती दिमाग की ओर से अंजाम देना पाया गया था। बहरहाल इस चर्चित कांड की जांच को अंतिम अंजाम तक न पहुंच पाना विभागीय ढिलाई को साफ दर्शाता है। कालिंदी एक्सप्रेस ट्रेन कानपुर से भिवानी जाती है। इसमें 20 फरवरी की शाम 7.10 बजे कानपुर से 36 किमी दूर बर्राजपुर रेलवे स्टेशन पर टॉयलेट में विस्फोट हो गया था।
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कालिंदी एक्सप्रेस धमाका
घटना के कुछ घंटों बाद ही जांच टीमों ने साफ कर दिया था कि यह आतंकी घटना नहीं है। इसमें किसी शरारती दिमाग की करतूत सामने आई थी। अब सवाल यह उठता है कि यह शरारती दिमाग था कौन, इसके लिए फर्रुखाबाद जीआरपी थाने में ट्रेन के गार्ड जेपी वर्मा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ था। जीआरपी ने जांच भी शुरू कर दी थी। घटनास्थल पर एक अधजला पत्र भी मिला था।

इसमें लिखा गया था कि 27 को आरडीएक्स से बल्ली उड़ा देंगे। जीआरपी ने जांच में उस पत्र को भी शामिल किया था। लिखावट की फॉरेंसिक जांच को पत्र लखनऊ लैब भेजा गया। लैब की सक्रियता का इसी से पता चलता है कि  घटना को छह महीना बीतने के बावजूद जांच रिपोर्ट लखनऊ से स्थानीय जीआरपी तक नहीं पहुंची।

 

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कालिंदी एक्सप्रेस धमाका
यही नहीं जांच में शामिल अन्य बिंदुओं को भी पत्र की फॉरेंसिक रिपोर्ट न आने से ठंडे बस्ते में डाल दिया गया जबकि ट्रेन कांडों पर सीधे केंद्र सरकार के रेल और गृह मंत्रालय तक की नजर होती है। बावजूद इसके जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। विस्फोट में आतिशबाजी वाली बारूद इस्तेमाल की गई थी। इस बात की पुष्टि जांच में  हो गई थी।   

शीघ्र अंतिम निर्णय तक पहुंचेगी जांच: जीआरपी
जीआरपी के थानाध्यक्ष मुकेश मलिक ने बताया कि जो पत्र मिला था उसकी जांच रिपोर्ट के लिए वह रिमाइंडर भेज चुके हैं। कुछ ही दिनों में रिपोर्ट आने की उम्मीद है। अन्य बिंदुओं पर जांच चल रही है। शीघ्र ही अंतिम निर्णय तक जांच पहुंच जाएगी।
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