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आतंक का पर्याय था काले: मलबा ढ़ोने वाला बन गया गैंगस्टर, हनक बढ़ाने के लिए बढ़ा रहा था कुनबा, पढ़ें पूरी कहानी

Wed, 17 Jan 2024 12:44 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 17 Jan 2024 12:44 PM IST
सार

Unnao News: पूर्व भाकियू नेता विनोद कश्यप हत्याकांड मामले में मुख्य हत्यारोपी हिस्ट्रीशीटर शमशेर उर्फ काले खां 25 वर्ष से क्षेत्र के लिए आतंक का पर्याय बना हुआ था। काले अपराध जगत में हनक बढ़ाने के लिए कुनबा बढ़ा रहा था।

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Kaale was synonymous with terror, the debris carrier became a gangster, was expanding the clan to increase his
पूर्व भाकियू नेता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उन्नाव जिले के शुक्लागंज में कोतवाली गंगाघाट के पश्चिमी पुलिस चौकी के मोहल्ला चंपापुरवा निवासी शमशेर उर्फ काले खान 25 वर्ष पहले खड़खड़ा से अपने पिता मोहम्मद हसन के साथ मलवा ढ़ोता था।  रुपये और नशे की लत ने उसे जरायम की दुनिया में ला दिया और गैंगस्टर बन गया। इसके बाद में उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक अपराध करता गया।

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हालांकि इस दौरान वह अपराध जगत में अपनी हनक जमाने के लिए अपना कुनबा भी बढ़ाता रहा। काले के घर के पास रहने वाले उसके नाते-रिश्तेदार और मोहल्ले के बुजुर्ग लोगों ने बताया कि कासगंज के ढ़ाई गांव से मोहम्मद हसन अपनी पत्नी आशा के साथ यहां 35 साल पहले यहां आकर बसे। वह यहां एक झोपड़ी में रहते थे। अपने सबसे बड़े बेटे कोल खान के साथ वह खड़खड़े से मलवा ढ़ोकर परिवार पालते थे।
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अमीर बनने की जिद ने काले को जरायम की दुनिया में ला दिया और 18 साल की उम्र में गांजा बेचने को लेकर मारपीट की घटना कारित की। इसके बाद अपराध जगत में उसके पैर बढ़ते गए और गैंगस्टर बन गया। जरायम से आने वाले धन को उसने जमीनों और मकानों में लगाना शुरू कर दिया। परिजनों के नाम से उसने गंगाघाट से लेकर गांव तक में मकान बनवा डाले। वहीं, दूसरी ओर अपराध जगत में पैर जमाने के लिए वह अपना कुनबा भी बढ़ाता गया।

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जमानत कैंसिल कराने के लिए पुलिस करेगी पैरवी
इस दौरान उनसे सात शादियां की, जिसमें चार पत्नियां बिहार प्रांत से है। इनसे दस बच्चे हुए, जिसमें सात बेटे और तीन बेटियां हैं। बताया गया कि इसके दो बेटों की मौत हो गई। सूत्रों की मानी जाए, तो काले के सभी बेटे पिता के काम में साथ देते है। एसपी सिद्धार्थ शंकर मीणा ने बताया कि काले को जिन मुकदमों में जमानत मिली होगी उसे कैंसिल कराने के लिए पुलिस अपनी ओर से पैरवी करेगी।

मोहल्ले की 70 साल की ''चाची'' काले से लेती रही मोर्चा
मोहल्ले की रहने वाली 75 साल की फूलमती (मोहल्ले के लोग चाची नाम से पुकारते है) ने बताया कि विनोद को जिस समय काले मार रहा था, वह वहीं पर थी। उन्होनें विनोद को छोड़ने के लिए काले को ललकारा लेकिन उसने एक न सुनी। विनोद तीन बार बेहोश हुआ। तीनों बार काले ने उस पर पानी डाला और होश में लाकर ईट गुम्मों और बेल्ट व लाठी से पीटता रहा। बताया कि कमर में खुसा तमंचा काले ने निकाला और विनोद की कमर में लगाया, लेकिन फायर मिस हो गया।

शिवाकांत मिश्रा को काले से मोर्चा लेकर बचाया था
चौथी बार जब विनोद बेहोश हुआ तो काले ने फिर पानी उस पर डाला लेकिन वह होश में नहीं आया। इस दौरान काले ने विनोद के हाथ से एक चांदी की अंगूठी को उतारा और भाग निकला। चाची ने बताया कि काले से इसके पहले उन्होंने कई मोर्चा लिया। चार साल पहले मोहल्ले के रहने वाले शिवाकांत मिश्रा को काले से मोर्चा लेते हुए उन्होंने बचा लिया था लेकिन इस बार उनके पैर जवाब दे गए। उन्हें अफसोस है विनोद की जान नहीं बचा सकी।

विनोद हत्याकांड मामले में साला भी हुआ घायल
बीते रविवार की सुबह भाकियू नेता विनोद अपने साले शिवम कश्यप के साथ बाइक से काले के घर भाई की पिटाई का विरोध करने पहुंचा था, जहां काले ने दोनों को पकड़ कर पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान शिवम भी घायल हो गया था, जबकि विनोद के भाई दुर्गाशंकर को काले पहले ही घायल कर चुका था। मंगलवार को पुलिस के सामने शिवम आया और घटनाक्रम बताया, जिसके बाद पुलिस ने उसे मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा।

साले को मिली जान से मारने की धमकी, परिवार ने सुरक्षा की गुहार लगाई
मृतक विनोद के दूसरे साले मोहित मंगलवार को अपनी बहन प्रीती के साथ कोतवाली गंगाघाट पहुंचे। उन्होंने बताया कि गैंगस्टर काले का एक साथी जो खुद को काले का जीजा बता रहा था। बीते सोमवार देर रात उसने चंपापुरवा तिराहे पर खुलेआम उसे जान से मारने की धमकी दी। बोला मामले से हट जाओ, नहीं तो जान गंवानी होगी। वहीं, मृतक की बहन और पत्नी प्रीती ने पुलिस से परिवार के लोगों की जान की रक्षा की गुहार लगाई है। कोतवाली प्रभारी रामफल ने बताया कि सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।

बीस दिन पहले काले ने बेटी नाजिया का किया था निकाह
काले खान ने बीस दन पहले 27 दिसंबर को अपनी सांतवी बीवी राजिया से जन्मी बेटी नाजिया का दूसरा निकाह परिवार के सुहैल से किया था। काले की मां आशा ने सुहैल और राजिया को हनीमून पर भेजने की बात कही, जिसको लेकर काले रुपये के जुगाड़ में था। काले पांच भाईयों में सबसे बड़ा और पांच बहनों से छोटा है।

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