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कानपुर में 500 करोड़ का निवेश करेगा जेपी समूह, ये है तैयारी
Sat, 07 Dec 2019 03:37 PM IST
शिखा पांडेय
प्रदीप अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
प्रदीप अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 07 Dec 2019 03:37 PM IST
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कानपुर पहुंचे जेपी समूह के चेयरमैन मनोज गौड़
- फोटो : अमर उजाला
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देश का दिग्गज औद्योगिक घराना जेपी समूह अगले दो वर्ष में कानपुर में 500 करोड़ रुपये निवेश करेगा। यह निवेश चांद छाप यूरिया बनाने वाली कंपनी कानपुर फर्टिलाइजर सीमेंट लिमिटेड (केएफसीएल) में होगा।
जेपी समूह ने अगले दो वर्ष में चांद छाप यूरिया का उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पनकी स्थित फैक्ट्री परिसर में नए प्लांट पर काम शुरू भी हो चुका है। यह जानकारी जेपी समूह के चेयरमैन मनोज गौड़ ने अमर उजाला से बातचीत में दी।
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जेपी समूह ने अगले दो वर्ष में चांद छाप यूरिया का उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पनकी स्थित फैक्ट्री परिसर में नए प्लांट पर काम शुरू भी हो चुका है। यह जानकारी जेपी समूह के चेयरमैन मनोज गौड़ ने अमर उजाला से बातचीत में दी।
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केएफसीएल में उत्पादन के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जेपी समूह के चेयरमैन गुरुवार को शहर पहुंचे थे। चांद छाप यूरिया के यहां तक के सफर पर उन्होंने खुशी जताई, लेकिन सरकार की नीतियों पर सवाल भी खड़े किए।
उन्होंने कहा कि फर्टिलाइजर कंपनियों को समय पर सब्सिडी जारी करने में सरकार का रुख सकारात्मक नहीं है। बीते 10 वर्षों से केएफसीएल इसी समस्या से जूझ रही है। छह-छह माह तक सब्सिडी की राशि नहीं मिलती।
उन्होंने कहा कि फर्टिलाइजर कंपनियों को समय पर सब्सिडी जारी करने में सरकार का रुख सकारात्मक नहीं है। बीते 10 वर्षों से केएफसीएल इसी समस्या से जूझ रही है। छह-छह माह तक सब्सिडी की राशि नहीं मिलती।
इस वजह से कई बार उत्पादन तक ठप करना पड़ता है। वर्तमान में चार माह से 650 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी नहीं की गई। सरकार की इस नीति की वजह से कंपनी की उत्पादन क्षमता घटती है। नए निवेश के लिए बैंकों से ऋण नहीं मिलता।
उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि सब्सिडी की राशि हर माह समय पर मिलती रहती तो यहां दो वर्ष पहले ही नए प्लांट की शुरुआत हो सकती थी। कानपुर हमेशा उनकी प्राथमिकता में रहा है। अगले दो वर्ष में केएफसीएल में 500 करोड़ रुपये के निवेश के साथ वे आगे बढ़ेंगे।
उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि सब्सिडी की राशि हर माह समय पर मिलती रहती तो यहां दो वर्ष पहले ही नए प्लांट की शुरुआत हो सकती थी। कानपुर हमेशा उनकी प्राथमिकता में रहा है। अगले दो वर्ष में केएफसीएल में 500 करोड़ रुपये के निवेश के साथ वे आगे बढ़ेंगे।