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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Jalaun Four Bonded Laborers Rescued from Tin-Shed Prison Helpless Victims Weep Bitterly Lock Is Opened

Jalaun: टिन शेड के 'कैदखाने' से मुक्त कराए गए चार बंधुआ मजदूर, ताला खुला तो फफक पड़े बेबस

Sun, 10 May 2026 08:00 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उरई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उरई Published by: प्रसून शुक्ला Updated Sun, 10 May 2026 08:00 PM IST
सार

Jalaun News: कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जगनेवा में शनिवार रात मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया, जहां चार मजदूरों को कथित रूप से बंधक बनाकर बंधुआ मजदूरी कराई जा रही थी

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Jalaun Four Bonded Laborers Rescued from Tin-Shed Prison Helpless Victims Weep Bitterly Lock Is Opened
बंधनमुक्त कराये गए मजदूर - फोटो : amar ujala

विस्तार

ग्राम जगनेवा में शनिवार की रात पुलिस ने एक अमानवीय कृत्य का पर्दाफाश किया है। यहां एक पशुबाड़े के भीतर टिन शेड के कच्चे कमरे में ताले के पीछे चार मजदूरों को बंधक बनाकर उनसे बंधुआ मजदूरी कराई जा रही थी। रात के सन्नाटे में चले सर्च ऑपरेशन के दौरान जब पुलिस ने कमरे का ताला तोड़ा, तो अंदर बदहवास हालत में मिले मजदूरों की आंखों से आंसू छलक पड़े। पुलिस ने मौके से मुख्य आरोपी को दबोच लिया है।

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पशुबाड़े का टिन शेड बना था 'टॉर्चर सेल'

क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र बाजपेई और कोतवाल हरिशंकर चंद को सूचना मिली थी कि गांव के ही हरिहर प्रसाद दांतरे के यहां कुछ लोगों को बंधक बनाया गया है। शनिवार रात करीब 11 बजे जब पुलिस टीम गांव पहुंची, तो पहले आरोपी ने गुमराह करने की कोशिश की। गहन तलाशी के दौरान पुलिस की नजर पशुबाड़े के पास बने एक बंद कमरे पर पड़ी। शक होने पर जब ताला खुलवाया गया, तो अंदर का दृश्य देख पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए। भीषण गर्मी और घुटन भरे कमरे में चार मजदूर कैद थे।

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छह माह से साल भर तक चला शोषण

मुक्त कराए गए मजदूरों में दिल्ली के अनिल, बरेली के वीरेंद्र, हमीरपुर के प्रेमचंद्र और राठ के धर्मेंद्र शामिल हैं। पीड़ितों ने बताया कि उनसे मारपीट कर जबरन काम कराया जाता था। उन्हें भरपेट भोजन तक नहीं मिलता था और रात में मवेशियों के पास कमरे में बंद कर दिया जाता था। कई मजदूर तो करीब एक साल से इस नर्क को झेल रहे थे। मौके से पुलिस को 11 पिट्ठू बैग भी मिले हैं।

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लापता युवक की तलाश में मिला सुराग

इस पूरे मामले का खुलासा माधौगढ़ के सिरसा दोगढ़ी निवासी अनमोल गुप्ता की गुमशुदगी की जांच के दौरान हुआ। परिजनों को सूचना मिली थी कि अनमोल को जगनेवा में बंधक बनाया गया है। हालांकि, सर्च ऑपरेशन के दौरान अनमोल वहां नहीं मिला, लेकिन चार अन्य जिंदगियां इस कैद से आजाद हो गईं। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।



पिता गिरफ्तार, बेटा फरार

पुलिस ने मुख्य आरोपी हरिहर प्रसाद दांतरे को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका बेटा अवधेश मौके से भागने में सफल रहा। सीओ शैलेंद्र बाजपेई ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार आरोपी की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है और मुक्त कराए गए मजदूरों को उनके परिजनों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

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