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Jalaun: पिता ने नहीं दिलाया आईफोन तो 11वीं की छात्रा ने जहर खाकर दी जान

Mon, 29 Dec 2025 03:27 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 29 Dec 2025 03:27 PM IST
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Jalaun: Class 11 student commits suicide by consuming poison after not getting an iPhone
छात्रा की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

आईफोन न मिलने पर 11वीं की छात्रा ने जहर खा लिया। परिजनों ने उसे मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। गंभीर हालत होने पर उसे यहां से मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। झांसी में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पिता का कहना है कि अगर वह जान जाता कि उसकी बेटी यह कदम उठा लेगी तो वह उसे किसी हालत में फोन दिला देता।

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डकोर कोतवाली क्षेत्र के कुसमिलिया गांव निवासी तुलसीराम राजपूत खेती और ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बेटी माया (17) गांव के राजकीय इंटर कॉलेज में कक्षा 11वीं की छात्रा थी। बेटा मानवेंद्र भी पढ़ाई कर रहा है।
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परिजनों ने बताया कि कुछ समय पहले माया का मोबाइल फोन टूट गया था। इसके बाद वह नया मोबाइल दिलाने की जिद करने लगी। माया एक पुराना आईफोन मांग रही थी, जिसकी कीमत करीब 40 हजार रुपये बताई जा रही है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण तुलसीराम उसकी यह मांग पूरी नहीं कर सके। उन्होंने बेटी को समझाया था कि फिलहाल उनके पास इतने पैसे नहीं हैं और 15 दिन बाद हरी मटर की फसल बिकने पर वह उसे फोन दिला देंगे। इसके बाद भी माया जिद पर अड़ी रही।
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तुलसीराम ने बताया कि माया का स्वभाव कुछ जिद्दी था। इससे पहले उसने घड़ी की मांग की थी, जिसे पूरा कर दिया गया था। बाद में उसने सोने की झुमकी की मांग की लेकिन फिर झुमकी छोड़कर आईफोन की मांग पर अड़ गई। शुक्रवार को माया ने पिता से कहा था कि अगर दो दिन में आईफोन नहीं दिलाया गया तो उसका अंजाम बुरा होगा। उस समय पिता उसकी बात का अर्थ नहीं समझ सके।

रविवार को जब पिता ऑटो चलाने गए थे और मां बबली खेत पर मटर तोड़ने गई हुई थीं। उसी दौरान माया घर पर अकेली थी। इसी बीच उसने चूहा मारने की दवा खा ली। घर लौटने पर भाई मानवेंद्र को माया ने बताया कि उसने जहर खा लिया है। इसके बाद परिजन आनन-फानन उसे उरई मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

रात में झांसी पहुंचने पर माया की मौत हो गई। तुलसीराम ने कहा कि वह गरीब किसान हैं, बंटाई पर जमीन लेकर खेती करते हैं और ऑटो चलाकर परिवार का खर्च चलाते हैं। आईफोन के लिए पैसे न होने के कारण वह बेटी की मांग पूरी नहीं कर सके। उन्हें इस बात का गहरा पछतावा है कि वह बेटी की मन की स्थिति को समय रहते नहीं समझ पाए। डकोर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विजय पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। युवती ने किन परिस्थितियों में जहर खाया, परिजनों से इसकी पूछताछ की जा रही है।


बेटा सब्जी बेचकर दिलवा दूंगा, मोबाइल, कुछ दिन रुक जाओ
तुलसीराम ने बताया कि वह ऑटो चलाते हैं। घर में करीब 30 हजार रुपये रखे थे। इसकी जानकारी बेटी को थी। उसका मोबाइल टूट जाने पर वह लगातार फोन दिलवाने की बात कह रही थी। कुछ दिन पहले वह किसी का आईफोन देख आई थी। उसी को लेने की जिद कर रही थी। जब उसने कहा कि वह इतना महंगा फोन नहीं दिलवा पाएगा तो वह जान देने की धमकी देने लगी। बताया कि उसने कहा कि वह इन रुपयों से सब्जी बेचने का काम करेगा। फायदा होने पर उसे फोन दिलवा देगा। वह सब्जी लेने उरई आ गया और बेटी ने यह कदम उठा लिया। उसे पता होता कि वास्तव में वह गलत कदम उठा लेगी तो वह सब्जी का काम नहीं करता और बेटी को फोन दिलवा देता।

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