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Jalaun: पत्नी की मौत के बाद पति ने भी तोड़ दिया दम, एक साथ हुआ अंतिम संस्कार
Wed, 19 Jun 2024 06:23 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 19 Jun 2024 06:23 PM IST
सार
यूपी के जालौन जिले में दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। पत्नी की मौत के बाद पति ने भी दम तोड़ दिया। दंपती का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक दंपती ने साथ जीने-मरने का वादा निभाया। पत्नी के मौत के कुछ घंटे बाद ही वृद्ध ने भी दम तोड़ दिया। दंपती का अंतिम संस्कार भी एक साथ ही हुआ। घटना की चर्चा जैसी ही क्षेत्र में फैली तो लोग मृत दंपती के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हिरदेशाह निवासी पार्वती प्रजापति (70) व मगन प्रजापति (75) की शादी 50 साल पहले हुई थी।
दोनों ने साथ जीने मरने का वादा अंतिम समय तक निभाया। पिछले कुछ समय से पार्वती बीमार चली रही थीं। सोमवार रात उनका देहांत हो गया। मंगलवार सुबह जब पति मगन प्रजापति चाय लेकर उनके पास पहुंचे तो देखा कि वह बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़ी है। उनकी मृत्यु से पति मगन सदमे में आ गए। उधर, परिजन उनके अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। हिंदू रीति रिवाज के अनुसार पति के जीवित रहते पत्नी की मृत्यु होने पर उसे सोलह शृंगार से सजाने की परंपरा है।
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दोनों ने साथ जीने मरने का वादा अंतिम समय तक निभाया। पिछले कुछ समय से पार्वती बीमार चली रही थीं। सोमवार रात उनका देहांत हो गया। मंगलवार सुबह जब पति मगन प्रजापति चाय लेकर उनके पास पहुंचे तो देखा कि वह बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़ी है। उनकी मृत्यु से पति मगन सदमे में आ गए। उधर, परिजन उनके अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। हिंदू रीति रिवाज के अनुसार पति के जीवित रहते पत्नी की मृत्यु होने पर उसे सोलह शृंगार से सजाने की परंपरा है।
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इसी परंपरा के अनुसार, जब पति मगन अंतिम बार उनकी मांग में सिंदूर भरने लगे तो अचानक से उनकी भी हालत खराब हो गई और कुछ ही देर में उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों ने पति और पत्नी का एक ही साथ अंतिम संस्कार किया। बड़े पुत्र अनूप कुमार प्रजापति ने उन्हें मुखाग्नि दी।
छोटे बेटे अरुण प्रजापति ने बताया कि माता-पिता के बीच अटूट प्रेम था। मां की बीमारी के समय भी पिता उनका पूरा ध्यान रखते थे। वृद्धावस्था में होते हुए भी पिताजी मां को समय पर भोजन, नाश्ता, दवाई देते थे। दोनों ने वैवाहिक जीवन के लगभग 50 वर्ष साथ बिताए और एक साथ दुनिया को अलविदा कह गए। एक साथ पति और पत्नी की मौत होने की खबर नगर के लोगों को हुई तो उन्होंने मृत दंपती के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी।