{"_id":"696683d0eaf6c3b7ac090350","slug":"jal-ko-lekr-dm-shakht-kanpur-news-c-12-1-knp1052-1393197-2026-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुद्ध जल को लेकर डीएम सख्त: हर बूंद की जांच, लापरवाही पर करवाई के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शुद्ध जल को लेकर डीएम सख्त: हर बूंद की जांच, लापरवाही पर करवाई के निर्देश
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर ।
आम जनमानस को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैयाघाट स्थित नवीन सभागार में देर रात एक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में डीएम ने स्पष्ट किया कि पेयजल की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों पर तत्काल कार्रवाई होगी।
जिलाधिकारी ने जीएम जलकल को निर्देश दिए कि जल स्रोत पर फिजिकल, केमिकल और बैक्टीरियोलॉजिकल जांच लगातार कराई जाए,। इसके साथ ही अंतिम उपभोक्ता बिंदु पर प्रतिदिन ओटी टेस्ट अनिवार्य रूप से किए जाने के निर्देश दिए गए। जल संस्थान की ओर से बताया गया कि जनपद में 50 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रतिदिन 500 जल नमूनों की मौके पर जांच की जा रही है, ताकि हर क्षेत्र में मानक के अनुरूप जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके। डीएम ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मोहल्ला निगरानी समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन समितियों के माध्यम से जलजनित रोगों से बचाव, स्वच्छता और सुरक्षित जल उपयोग को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
विज्ञापन
स्काडा और क्लोरीन डोजिंग पर खास नजर
जिलाधिकारी ने शहरी क्षेत्रों व निकायों में संचालित पेयजल योजनाओं के अंतर्गत लगे स्काडा सिस्टम की 100 प्रतिशत शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही क्लोरीन डोजिंग उपकरण पूरी क्षमता से कार्यरत रहें, यह भी अनिवार्य किया गया।उन्होंने साफ कहा कि सीवर लाइन या पेयजल पाइपलाइन में किसी भी तरह का लीकेज या ब्रेकडाउन मिलने पर उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाए, ताकि दूषित जल आपूर्ति की कोई आशंका न रहे। साथ ही ओवरहेड टैंक की नियमित सफाई करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
अधिकारियों को मुख्यालय में रहने के निर्देश
बैठक में डीएम ने सभी अधिशासी अधिकारियों को मुख्यालय पर ही निवास करने और बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।