जाजमऊ आगजनी मामला: आरोपी रिजवान सोलंकी को हाईकोर्ट से मिली जमानत, जानें क्यों नहीं आ सकेंगे जेल से बाहर
Kanpur News: सोमवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अजय भनोट ने रिजवान की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। हालांकि, वो अभी जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे।
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कानपुर के जाजमऊ आगजनी मामले में सपा विधायक इरफान सोलंकी के भाई रिजवान सोलंकी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। हालांकि रिजवान अभी जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और रंगदारी का एक और मुकदमा भी दर्ज है, जिसमें अभी उनको जमानत नहीं मिली है।
जाजमऊ डिफेंस कॉलोनी निवासी नजीर फातिमा के घर पर सात नवंबर 2022 को आग लग गई थी। नजीर ने जाजमऊ थाने में सपा विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी समेत अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में इरफान समेत आठ लोगों के खिलाफ चार्जशीट भी कोर्ट में भेजी जा चुकी है।
इसी मामले में आरोपी इरफान सोलंकी, रिजवान सोलंकी, शौकत अली, मोहम्मद शरीफ व इसराइल आटे वाला के खिलाफ कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई भी चल रही है। मामले में अभियोजन की गवाही पूरी हो चुकी है। मुकदमा अंतिम दौर पर चल रहा है। बचाव पक्ष को गवाह पेश करने हैं।
हाईकोर्ट में दाखिल की थी दूसरी जमानत याचिका
इसके बाद बहस और फिर फैसला आना है। रिजवान की ओर से हाईकोर्ट में पहले जमानत याचिका दाखिल की गई थी। इसे खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने छह माह में मुकदमे के निस्तारण के निर्देश दिए थे। छह माह बाद भी मुकदमे का निस्तारण न होने पर रिजवान ने हाईकोर्ट में दूसरी जमानत याचिका दाखिल की थी।
रिजवान की जमानत याचिका स्वीकार कर ली
इस पर हाईकोर्ट ने निचली अदालत से प्रगति आख्या भी मांगी थी। इसके बाद से जमानत याचिका पर सुनवाई लंबित चल रही थी। सोमवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अजय भनोट ने रिजवान की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। हालांकि, वो अभी जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे।