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Kanpur News: विकसित भारत बनाने के लिए किसानों को प्रगतिशील बनाना जरूरी

Wed, 10 Sep 2025 11:14 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Sep 2025 11:14 PM IST
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It is necessary to make farmers progressive to build a developed India
बकेवर। समर्थ उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश 2047 कार्यक्रम के तहत जनता कॉलेज में बुधवार को किसान वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों, किसानों व छात्र छात्राओं ने प्रगतिशील खेती को लेकर चर्चा की। इसके साथ ही प्रगतिशील खेती को बढ़ावा देने को लेकर उपाय भी साझा किए।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व आईएएस पीसी श्रीवास्तव ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए योजनाबद्ध ढंग से कार्य करना होगा। उन्होंने किसानों का मनोबल बढ़ाने और प्रगतिशील किसानों को प्रेरित करने पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि पूर्व मुख्य अभियंता आशीष अस्थाना ने किसानों को एफपीओ बनाने और सहयोग की भावना से आगे बढ़ने की बात कही। उपनिदेशक कृषि आरएन सिंह ने जिले की कृषि विविधता, बीहड़ की समस्या, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, बासमती चावल का उत्पादन-निर्यात तथा दलहन-तिलहन में आत्मनिर्भरता के बारे में विस्तार से बताया। मुख्य वक्ता प्रो. एसके प्रजापति ने सुझाव दिया कि प्रत्येक गांव का पांच वर्ष पर आकलन आवश्यक है, तभी योजनाएं सफल होंगी। यमुना-चंबल किसान उत्पादक संगठन के प्रबंधक उत्कर्ष सिंह राजावत ने जल सुरक्षित खेती एवं मिश्रित बागवानी के बारे में जानकारी दी। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजेश किशोर त्रिपाठी ने कहा कि मृदा उर्वरकता की पहचान के लिए मिट्टी परीक्षण किट डेवलप की जाए जो किसानों को मिट्टी के बारे में पूरी जानकारी उनके घर या उनके पास ही उपलब्ध कराए।
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प्रगतिशील किसान मंत्रवती देवी ने जैविक खेती पर, संध्या पाल ने महिला भागीदारी पर व राधा रानी ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। किसान अमर सिंह, चंद्र मोहन, लाला राम बौद्ध एवं जगदीश यादव ने समय से फसल निवेश उपलब्ध कराने, कृषि उत्पादन को जीएसटी से मुक्त करने, जलभराव की समस्या का समाधान, बेड विधि और जीवामृत पद्धति से खेती करने पर चर्चा की। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार साझा किए। संचालन सह-संयोजक प्रो. एमपी सिंह ने किया। इस मौके पर जिला कृषि अधिकारी ओंकार सिंह, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी प्रमोद कुमार आदि मौजूद रहे।
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