Kanpur: बिकरू कांड की तरह इरफान की भी होगी घेराबंदी, पुलिस ने शासन से मांगा विशेष अधिवक्ता
सपा विधायक इरफान सोलंकी के मामले में कानूनी दांव पेंच में पुलिस लगातार शिकस्त खा रही है। वहीं, सपा विधायक की मददगार सपा नेत्री को भी जमानत मिल गई है। इसके बाद सीपी ने पत्र लिखकर शासन से विशेष अधिवक्ता की मांग की है।
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जिस तरह बिकरू कांड में पुलिस ने मुकदमों की पैरवी की और आरोपियों के जेल से निकलने में लाले पड़ रहे हैं। ऐसी ही पैरवी कमिश्नरी पुलिस इरफान सोलंकी के प्रकरण में करना चाह रही है। कमिश्नरी पुलिस ने इरफान को घेरने के लिए शासन से विशेष अधिवक्ता की मांग की है।
इसके लिए पुलिस कमिश्नर ने शासन को पत्र भेजा है। दरअसल, बुधवार को इरफान की फरारी के दौरान मदद करने के आरोप में जेल भेजी गई सपा नेत्री नूरी शौकत को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। कानूनी दांवपेंच में विफलता मिलने पर सीपी ने पैरवी पर जोर दिया है।
सपा विधायक के खिलाफ अलग-अलग मामलों में पुलिस ने आठ एफआईआर दर्ज की थी। इसमें जाजमऊ निवासी नजीर फातिमा के घर आगजनी, ग्वालटोली में फरारी के दौरान फर्जी आधार कार्ड से हवाई यात्रा करने के मामले में पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
जबकि गैंगस्टर समेत छह अन्य मुकदमों की जांच चल रही है। इन छह मुकदमों में जल्द ही पुलिस चार्जशीट दाखिल करेगी। नूरी को जमानत मिलने पर पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने मामले की समीक्षा की और पैरवी करने वाले अधिवक्ता से बात की। सीपी का मानना है कि पैरवी में कहीं न कहीं कमी रह गई है।
तय किया गया कि विशेष अधिवक्ता से हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कराई जाएगी ताकि आरोपियों को जमानत न मिल सके। पुलिस कमिश्नर का कहना है कि शासन को पत्र भेजकर विशेष अधिवक्ता की मांग की है। जिससे कि बिकरू कांड की तर्ज पर पैरवी करा इरफान और उसके सहयोगियों को सजा दिलाई जा सके।
ज्वाइंट सीपी ने विवेचकों के साथ की बैठक
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी की निगरानी में बाकी छह मुकदमों की जांच चल रही है। विधिक जानकार और पुलिस अफसरों का एक पैनल भी जांच के एक-एक बिंदु की समीक्षा कर रहा है।
ज्वाइंट सीपी ने बताया कि जनवरी के अंतिम सप्ताह तक सभी मुकदमों में चार्जशीट दाखिल हो जाएगी। बुधवार को जेसीपी ने सभी मुकदमों की समीक्षा की और विवेचकों के साथ बैठक की। उन्होंने विवेचकों से कहा कि कोई भी कमजोर बिंदु का आरोपी फायदा उठा सकते हैं, ऐसे में कमी छोड़ी ही नहीं जाए।