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Irfan Solanki Case: वसीम राइडर ने मांगी सुरक्षा, बोला-मेराज सोलंकी करवा सकते हैं हमला, जानें ऐसा क्यों कहा

Wed, 05 Jul 2023 10:27 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 05 Jul 2023 10:27 AM IST
सार

Kanpur Crime: शिकायत में वसीम राइडर ने आरोप लगाया था कि सपा विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी और चाचा मेराज सोलंकी ने फर्जी गवाह खड़े कर पावर ऑफ अटॉर्नी निरस्त करा दी।

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Irfan Solanki Case, Wasim Ryder accused the MLA of fraud, said usurped by investing money in the project
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके परिवार पर धोखाधड़ी कर रुपये हड़पने वाले हमराज कंस्ट्रक्शन कंपनी के निदेशक वसीम राइडर ने विधायक व उनके चाचा मेराज के गुर्गों से खुद की जान का खतरा बताया है। आरोप लगाया कि उन्हें धमकी दी जा रही है। मंगलवार को वसीम राइडर ने पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड से मिलकर सुरक्षा की मांग की। साथ ही फरवरी में की गई शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कराने की भी मांग की है।

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वसीम राइडर ने बताया कि हमराज कंस्ट्रक्शन कंपनी का पंजीकरण 25 जून 2013 में हुआ था। इसमें उनके अलावा सपा विधायक के चाचा मेराज सोलंकी, पत्नी नसीम सोलंकी, बिल्डर वसी खान और खादिजतुल कुबरा निदेशक थे। वर्ष 2014-15 में मेराज के परिचित मुशीर के नाम पर चमनगंज में साढ़े तीन करोड़ रुपये की जमीन खरीदी। ये रुपये उन्होंने दिए थे। इस पर बहुमंजिला इमारत बनाई गई थी। उनके हिस्से में नौ फ्लैट और छत आई।
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तीन जून 2019 को उनके बेटे फरहान को पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिये फ्लैट बेचने का हक दिया गया, लेकिन कुछ माह बाद विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी और चाचा मेराज सोलंकी ने फर्जी गवाह खड़े कर पावर ऑफ अटॉर्नी निरस्त करा दी। इसके बाद पूरी इमारत हथियाकर बेच डाली। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस कमिश्नर से की थी। इसके बाद पुलिस कमिश्नर ने जांच के आदेश दिए थे।

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शिकायतों की जांच न करने वाले पुलिसकर्मी भी जांच की जद में
हमराज कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़े शिकायती पत्र पर जांच न करने वाले पुलिस कर्मी भी जांच की जद में आ गए हैं। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि फरवरी से लेकर जून तक हुई कार्यवाही का ब्यौरा मांगा है कि किन परिस्थितियों में जांच लंबित रही, समय से जांच पूरी क्यों नहीं की गई।

तीन सर्किलों में घूमता रहा शिकायती पत्र
फरवरी में शिकायत के बाद पुलिस कमिश्नर ने जांच एसीपी अकमल खां को सौंपी थी। इसके बाद जांच एसीपी चकेरी फिर एसीपी कैंट के पास पहुंची। इसके बाद थाना स्तर पर शिकायती पत्र दबा दिया गया। सपा विधायक के खिलाफ गैंगस्टर मामले की जांच करने वाले इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह को जब जाजमऊ की कमान दी गई तो यह मामला सामने आया। अब उन लोगों की जांच होगी, जिन्होंने शिकायती पत्र दबाने का काम किया।

कागजों में बाहर, बोर्ड मीटिंग में मौजूद रहीं विधायक की पत्नी
वसीम ने बताया कि इरफान की पत्नी नसीम सोलंकी भी कंपनी में डायरेक्टर थीं, लेकिन उन्हें 19 अप्रैल 2018 को डायरेक्टर पद से हटा दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अपने सभी शेयर मेराज सोलंकी के नाम ट्रांसफर कर दिए थे। आरोप है कि इसकी फर्जी नोटरी भी कराई, जबकि नसीम सोलंकी कंपनी में बतौर डायरेक्टर तथा शेयर धारक कंपनी की बोर्ड मीटिंग में मौजूद रही हैं। इसका प्रमाण कंपनी की वर्ष 2019-20 तथा 2020-21 की बैलेंस शीट पर मौजूद है।

वसीम राइडर ने लगाए थे धोखाधड़ी के आरोप
कानपुर नई सड़क बवाल में फंडिंग के आरोपी हाजी वसी की हमराज कंस्ट्रक्शन कंपनी में एक और राज सामने आया है। उसके निदेशक वसीम राइडर ने सपा विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी और चाचा मेराज सोलंकी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि उन लोगों ने एक प्रोजेक्ट में उनके पैसे लगवाए और फिर हजम कर गए।

वसीम राइडर ने शिकायती पत्र में कहा है कि कंपनी का पंजीकरण 25 जून 2013 में हुआ था। हमराज कंस्ट्रक्शन में उनके अलावा मेराज सोलंकी, नसीम सोलंकी, बिल्डर वसी खान और खादिजतुल कुबरा निदेशक थे। वर्ष 2014-15 में जमीन खरीद फरोख्त के लिए मेराज सोलंकी को वसीम ने लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये किस्तों में दिए थे। इससे विधायक के चाचा मेराज ने एक अन्य सहयोगी मुशीर के नाम पर चमनगंज में जमीन खरीदी और उस पर बहुमंजिला इमारत खड़ी कर दी गई।

फर्जी गवाह खड़े कर पावर ऑफ अटॉर्नी निरस्त कराई
उनके हिस्से में नौ फ्लैट और छत आई। उनके बेटे फरहान को पावर ऑफ अटार्नी के जरिये फ्लैट बेचने का हक दिया गया। शिकायत में वसीम राइडर ने आरोप लगाया था कि सपा विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी और चाचा मेराज सोलंकी ने फर्जी गवाह खड़े कर पावर ऑफ अटॉर्नी निरस्त करा दी।

जान का खतरा बताकर सुरक्षा की मांग
कोरोना काल में वसीम राइडर बीमार हुए, तो पूरी इमारत हथियाकर उसे बेच लिया और उनका पैसा भी हजम कर गए। वहीं, खुलासे के बाद अपनी जान का खतरा बताकर सुरक्षा की मांग भी की है। पुलिस आयुक्त से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

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