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Kanpur News: सोने-चांदी के दाम डगमगाए तो निवेशक नजर न आए
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कानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोने-चांदी के गहनों की खरीद एक साल तक न करने की अपील से सराफा बाजार में पहले से ही ग्राहक घट गए हैं। इस बीच भाव में उठापटक से निवेशक भी बाजार से दूर हो रहे हैं। अमेरिका-ईरान के बीच समझौता होने के बाद इनके भावों में तेजी आने की संभावना जताई गई थी लेकिन इस बीच सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ठोस सोना-चांदी खरीदने वाले भी बाजार से गायब हैं। मंगलवार को दोनों के भाव में तेज गिरावट देखने देखने को मिली। वहीं सोमवार को भाव में उछाल आया था।
शहर में सामान्य दिनों में 35 किलो सोना और दो हजार किलो चांदी बिकती थी। यहीं से 200 किलोमीटर क्षेत्र के लोग सोना-चांदी खरीदने आते हैं। हालांकि प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद कारोबार मंदा हो गया है। अब केवल पांच प्रतिशत कारोबार रह गया है। प्रतिदिन 2.5 से पांच किलो तक सोना और 100 किलो चांदी की बिक्री हो रही है। उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन के मंत्री रामकिशोर मिश्रा ने बताया कि पिछले शनिवार को सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 1,49,350 रुपये और चांदी का भाव प्रति किलो 2,41150 रुपये हो गया था। सोमवार को भावों में तेजी देखने को मिली थी। सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 1,50,650 रुपये और चांदी का भाव प्रति किलो 2,44500 रुपये हो गया था। मंगलवार को चांदी के भाव में खासी गिरावट देखने को मिली। चांदी का भाव प्रति किलो 2,34,000 रुपये हो गया। जबकि सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 1,48,250 रुपये के स्तर पर चला गया।
इस साल जनवरी में ही सोना-चांदी ने नए-नए रिकॉर्ड बनाए थे। 29 जनवरी को चांदी का भाव प्रति किलो चार लाख और सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 1,82,000 हो गए थे। इसके बाद 28 फरवरी से अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद से भावों में कभी तेजी तो कभी गिरावट आ रही थी। अब पुरुषोत्तम मास खत्म हो गया है। इसके बाद भी बाजार में तेजी नहीं आ पाई है। हालांकि अब आगे कुछ बेहतर होने की उम्मीद है।
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ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि बाजार में सबसे ज्यादा चांदी में निवेश होता है। मौजूदा समय में इसमें ही सबसे ज्यादा उठापटक मची हुई है। दो जून को चांदी का भाव प्रति किलो 2,74,000 रुपये और सोने का 1,60,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। बाजार में स्थिरता नहीं है और कारोबार बुरी तरह से प्रभावित है। नकदी का संकट बना हुआ है। बाजार में ग्राहक नहीं है। आगे भी उठापटक होने की संभावना है। इसके चलते निवेशक भी अपने हाथ खींच रहे हैं।
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शहर में सामान्य दिनों में 35 किलो सोना और दो हजार किलो चांदी बिकती थी। यहीं से 200 किलोमीटर क्षेत्र के लोग सोना-चांदी खरीदने आते हैं। हालांकि प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद कारोबार मंदा हो गया है। अब केवल पांच प्रतिशत कारोबार रह गया है। प्रतिदिन 2.5 से पांच किलो तक सोना और 100 किलो चांदी की बिक्री हो रही है। उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन के मंत्री रामकिशोर मिश्रा ने बताया कि पिछले शनिवार को सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 1,49,350 रुपये और चांदी का भाव प्रति किलो 2,41150 रुपये हो गया था। सोमवार को भावों में तेजी देखने को मिली थी। सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 1,50,650 रुपये और चांदी का भाव प्रति किलो 2,44500 रुपये हो गया था। मंगलवार को चांदी के भाव में खासी गिरावट देखने को मिली। चांदी का भाव प्रति किलो 2,34,000 रुपये हो गया। जबकि सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 1,48,250 रुपये के स्तर पर चला गया।
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इस साल जनवरी में ही सोना-चांदी ने नए-नए रिकॉर्ड बनाए थे। 29 जनवरी को चांदी का भाव प्रति किलो चार लाख और सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 1,82,000 हो गए थे। इसके बाद 28 फरवरी से अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद से भावों में कभी तेजी तो कभी गिरावट आ रही थी। अब पुरुषोत्तम मास खत्म हो गया है। इसके बाद भी बाजार में तेजी नहीं आ पाई है। हालांकि अब आगे कुछ बेहतर होने की उम्मीद है।
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ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि बाजार में सबसे ज्यादा चांदी में निवेश होता है। मौजूदा समय में इसमें ही सबसे ज्यादा उठापटक मची हुई है। दो जून को चांदी का भाव प्रति किलो 2,74,000 रुपये और सोने का 1,60,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। बाजार में स्थिरता नहीं है और कारोबार बुरी तरह से प्रभावित है। नकदी का संकट बना हुआ है। बाजार में ग्राहक नहीं है। आगे भी उठापटक होने की संभावना है। इसके चलते निवेशक भी अपने हाथ खींच रहे हैं।