{"_id":"6a49695a14f64ab0e306d198","slug":"inspection-of-electrical-safety-nocs-and-smoke-detectors-in-cold-storage-facilities-begins-kanpur-news-c-220-1-akb1002-145258-2026-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: कोल्ड स्टोरेज में विद्युत सुरक्षा एनओसी व स्मोक डिटेक्टर की जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: कोल्ड स्टोरेज में विद्युत सुरक्षा एनओसी व स्मोक डिटेक्टर की जांच शुरू
Sun, 05 Jul 2026 01:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 05 Jul 2026 01:43 AM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। लखनऊ अग्निकांड ने 15 जिंदगी छीन लीं। बीते साल जिले के एक कोल्ड स्टोरेज में लगी आग ने दो जिंदगी छीन ली थीं। इस तरह के अग्निकांड रोकने व जीवन रक्षा के लिए कोल्ड स्टोरेज में विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी व स्मोक डिटेक्टर की जांच शुरू की गई है।
आग लगने का खतरा कम रहने और आग लगने पर तत्काल काबू करने की व्यवस्था जरूरी है। इसके लिए लाइसेंसिंग अथॉरिटी का अग्निशमन विभाग से समन्वय होना चाहिए हालांकि यह समन्वय नजर नहीं आता है। आग लगने की घटनाएं लगातार होने व जिंदगियां छिनने के बाद भी जिम्मेदार संजीदा नहीं हैं।
लखनऊ में 22 जून को हुए अग्निकांड में 15 परिवारों के चिराग बुझ गए। इधर जांच में सामने आया कि विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी फर्जी थी जबकि बड़े बिजली कनेक्शनों पर विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी अनिवार्य है। इसके साथ ही आग लगने पर तत्काल चेतावनी देने के लिए स्मोक व हीट डिटेक्टर होना जरूरी है। लखनऊ अग्निकांड की ताजा घटना और जिले में बीते साल 11 नवंबर को बारा स्थित कोल्ड स्टोरेज में लगी आग की घटना का संंज्ञान लिया गया है।
विज्ञापन
मुख्य अग्निशमन अधिकारी कार्यालय से सभी कोल्ड स्टोरेज में विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी व स्मोक डिटेक्टर की जांच के लिए जिला प्रशासन व जिला उद्यान अधिकारी को पत्र लिखा है। बता दें कि एक कोल्ड स्टोरेज में कर्मियों व श्रमिकों को मिलाकर करीब 50 लोगों की मौजूदगी रहती है।
...................
बयान....
जिले के कोल्ड स्टोरेज में बीते साल आग लगने और बीते दिनों लखनऊ अग्निकांड के बाद विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी की जांच जरूरी हो गई है। एडीएम प्रशासन व कोल्ड स्टोरेज को लाइसेंस देने वाले जिला उद्यान अधिकारी को पत्र भेजा गया है। - प्रतीक श्रीवास्तव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।
...................
जिले में कुल 10 कोल्ड स्टोरेज थे। इसमें एक अग्निकांड के बाद तबाह हो गया। अब नौ कोल्ड स्टोरेज संचालित हैं। आग लगने की घटना को लेकर विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी व स्मोक डिटेक्टर की जांच शुरू की गई है। सभी कोल्ड स्टोरेज संचालकों से ब्योरा मांगा गया है। इसके बाद स्थलीय क्रास जांच की जाएगी। कमी पाए जाने पर नोटिस जारी कर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। - डॉ. बल्देव प्रसाद, जिला उद्यान अधिकारी
..................
कोल्ड स्टोरेज में कई दिन सुलगती रही थी आग
कानपुर देहात। बारा स्थित आनंदेश्वर कोल्ड स्टोर में 11 नवंबर 2025 की रात एक बजे आग लग गई थी। आग की सूचना पर छह फायर टैंकरों की मदद से आग काबू करना शुरू किया गया। दूसरे दिन आग पर काबू पाया जा सका था। जबकि बीच-बीच में धुआं उठने पर फिर से आग बुझाने को फायर टैंकर भेजे गए। कई दिन आग सुलगती रही थी। अग्निकांड में झुलसे कोल्ड स्टोरेज कर्मी बाढ़ापुर अकबरपुर निवासी ऋषभ शर्मा (25) की उसी दिन कानपुर के अस्पताल में मौत हो गई थी जबकि दूसरे कर्मी बर्रा कानपुर निवासी अंकित की लखनऊ में दूसरे दिन मौत हो गई थी।
........................
जानें क्या है स्मोक डिटेक्टर व विद्युत सुरक्षा एनओसी
स्मोक डिटेक्टर अनिवार्य अग्निसुरक्षा उपकरण है। धुआं और आग की लपट निकलते ही तेज अलार्म बजता है। शुरुआती इस चेतावनी से जीवन और संपत्ति की सुरक्षा में बड़ी मदद मिलती है। जबकि विद्युत सुरक्षा एनओसी विद्युत सुरक्षा निदेशालय द्वारा जारी होती है। किसी व्यावसायिक व औद्योगिक परिसर में स्थापित विद्युत प्रणाली में शॉर्ट-सर्किट जैसी घटनाओं को रोकने के मानक के अनुसार उपकरण व वायरिंग होने पर यह प्रमाण पत्र मिलता है।
विज्ञापन
आग लगने का खतरा कम रहने और आग लगने पर तत्काल काबू करने की व्यवस्था जरूरी है। इसके लिए लाइसेंसिंग अथॉरिटी का अग्निशमन विभाग से समन्वय होना चाहिए हालांकि यह समन्वय नजर नहीं आता है। आग लगने की घटनाएं लगातार होने व जिंदगियां छिनने के बाद भी जिम्मेदार संजीदा नहीं हैं।
विज्ञापन
लखनऊ में 22 जून को हुए अग्निकांड में 15 परिवारों के चिराग बुझ गए। इधर जांच में सामने आया कि विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी फर्जी थी जबकि बड़े बिजली कनेक्शनों पर विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी अनिवार्य है। इसके साथ ही आग लगने पर तत्काल चेतावनी देने के लिए स्मोक व हीट डिटेक्टर होना जरूरी है। लखनऊ अग्निकांड की ताजा घटना और जिले में बीते साल 11 नवंबर को बारा स्थित कोल्ड स्टोरेज में लगी आग की घटना का संंज्ञान लिया गया है।
विज्ञापन
मुख्य अग्निशमन अधिकारी कार्यालय से सभी कोल्ड स्टोरेज में विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी व स्मोक डिटेक्टर की जांच के लिए जिला प्रशासन व जिला उद्यान अधिकारी को पत्र लिखा है। बता दें कि एक कोल्ड स्टोरेज में कर्मियों व श्रमिकों को मिलाकर करीब 50 लोगों की मौजूदगी रहती है।
...................
बयान....
जिले के कोल्ड स्टोरेज में बीते साल आग लगने और बीते दिनों लखनऊ अग्निकांड के बाद विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी की जांच जरूरी हो गई है। एडीएम प्रशासन व कोल्ड स्टोरेज को लाइसेंस देने वाले जिला उद्यान अधिकारी को पत्र भेजा गया है। - प्रतीक श्रीवास्तव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।
...................
जिले में कुल 10 कोल्ड स्टोरेज थे। इसमें एक अग्निकांड के बाद तबाह हो गया। अब नौ कोल्ड स्टोरेज संचालित हैं। आग लगने की घटना को लेकर विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी व स्मोक डिटेक्टर की जांच शुरू की गई है। सभी कोल्ड स्टोरेज संचालकों से ब्योरा मांगा गया है। इसके बाद स्थलीय क्रास जांच की जाएगी। कमी पाए जाने पर नोटिस जारी कर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। - डॉ. बल्देव प्रसाद, जिला उद्यान अधिकारी
..................
कोल्ड स्टोरेज में कई दिन सुलगती रही थी आग
कानपुर देहात। बारा स्थित आनंदेश्वर कोल्ड स्टोर में 11 नवंबर 2025 की रात एक बजे आग लग गई थी। आग की सूचना पर छह फायर टैंकरों की मदद से आग काबू करना शुरू किया गया। दूसरे दिन आग पर काबू पाया जा सका था। जबकि बीच-बीच में धुआं उठने पर फिर से आग बुझाने को फायर टैंकर भेजे गए। कई दिन आग सुलगती रही थी। अग्निकांड में झुलसे कोल्ड स्टोरेज कर्मी बाढ़ापुर अकबरपुर निवासी ऋषभ शर्मा (25) की उसी दिन कानपुर के अस्पताल में मौत हो गई थी जबकि दूसरे कर्मी बर्रा कानपुर निवासी अंकित की लखनऊ में दूसरे दिन मौत हो गई थी।
........................
जानें क्या है स्मोक डिटेक्टर व विद्युत सुरक्षा एनओसी
स्मोक डिटेक्टर अनिवार्य अग्निसुरक्षा उपकरण है। धुआं और आग की लपट निकलते ही तेज अलार्म बजता है। शुरुआती इस चेतावनी से जीवन और संपत्ति की सुरक्षा में बड़ी मदद मिलती है। जबकि विद्युत सुरक्षा एनओसी विद्युत सुरक्षा निदेशालय द्वारा जारी होती है। किसी व्यावसायिक व औद्योगिक परिसर में स्थापित विद्युत प्रणाली में शॉर्ट-सर्किट जैसी घटनाओं को रोकने के मानक के अनुसार उपकरण व वायरिंग होने पर यह प्रमाण पत्र मिलता है।