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हाय रे व्यवस्था: सांस नली में सेब का टुकड़ा फंसने से मासूम की मौत, इमरजेंसी गेट पर शव रखकर धरने पर बैठे दंपती

Wed, 31 Jan 2024 09:50 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 31 Jan 2024 09:50 AM IST
सार

Hamirpur News: संजय सोनी ने कहा कि राठ विधानसभा क्षेत्र की आबादी बहुत अधिक है, लेकिन अस्पताल में आबादी के हिसाब से न ही डॉक्टर है और न ही कोई व्यवस्था है। उपचार के बाद तुरंत मेडिकल कॉलेज का रास्ता दिखा दिया जाता है, जहां रास्ते में ही कई लोगों की जान चली जाती है।

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Innocent child dies due to apple piece stuck in his windpipe, couple sitting on dharna keeping dead body at ga
धरने पर बैठे दंपती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हमीरपुर जिले के राठ कस्बे में एक बच्चे की सांस नली में सेब का टुकड़ा फंस गया। परिजन स्थानीय सीएचसी ले गए, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज उरई रेफर कर दिया। यहां बच्चे की मौत हो गई, जिससे अक्रोशित परिजन सीएचसी में ढाई बजे शव रखकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने व्यवस्थाएं खराब होने का आरोप लगाया है। साथ ही, डीएम को बुलाने की मांग कर रहे हैं।

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राठ के खुशीपुरा मोहल्ला निवासी संजय सोनी ने बताया कि मंगलवार रात 10 बजे उनके बच्चे चीकू (10 माह) को सेब का टुकड़ा दे दिया था। बच्चे ने उसे खा लिया, तब उसकी हालत खराब होने लगी। आनन फानन उसे सीचसी में भर्ती कराया, जहां डयूटी पर तैनात डॉक्टर अखिलेश कुमार सिंह ने स्वास्थ्य कर्मियों के साथ उपचार किया।

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इसके बाद सुधार न होने पर मेडिकल कॉलेज उरई रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। रात ढाई बजे वापस मेडिकल कॉलेज से लौटे दंपती सीएचसी के इमरजेंसी गेट पर मासूम बच्चे के शव के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने बताया कि अस्पताल स्टॉफ ने इलाज में कोई लापरवाही नहीं की, लेकिन व्यवस्थाओं का आभाव है।

मेडिकल कॉलेज का रास्ता दिखा दिया जाता है
संजय सोनी ने कहा कि राठ विधानसभा क्षेत्र की आबादी बहुत अधिक है, लेकिन अस्पताल में आबादी के हिसाब से न ही डॉक्टर है और न ही कोई व्यवस्था है। उपचार के बाद तुरंत मेडिकल कॉलेज का रास्ता दिखा दिया जाता है, जहां रास्ते में ही कई लोगों की जान चली जाती है। उनका कहना है कि जिलाधिकारी राहुल पांडेय मौके पर आए और स्वास्थ्य विभाग के किसी बड़े अधिकारी या मुख्यमंत्री से बात कराए।

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एसडीएम ने समझाने बुझाने का प्रयास किया
अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ सहित अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। उनकी तैनाती करें, तब धरने से उठेगे। सूचना पर एसडीएम विपिन कुमार शिवहरे व सीओ घनश्याम सिंह सहित कोतवाली पुलिस पहुंची। एसडीएम विपिन कुमार शिवहरे ने समझाने बुझाने का प्रयास किया, लेकिन पीड़ित दंपती बिना जिलाधिकारी के आने तक धरने से उठने से मना कर दिया।

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