बेशर्म खाकी: घायल भाजपा नेता की अंगूठी-मोबाइल हो गए थे गायब, पीआरवी कर्मी ने की थी घटना, तीन गिरफ्तार
Mahoba News: भाजयुमो नगर अध्यक्ष के दुर्घटना में घायल होने की सूचना पर पहुंची पीआरवी ने मानवता को शर्मसार किया है। पीआरवी कर्मी ने तीन साथियों के साथ घायल की अंगूठी, चैन और मोबाइल गायब कर लिए थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को माल के साथ गिरफ्तार किया है।
विस्तार
महोबा जिले में चरखारी-महोबा मार्ग पर सूपा मोड़ के पास घायल अवस्था में पड़े मिले भाजयुमो नगर अध्यक्ष चरखारी की घटना का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। सूचना पर पहुंचे यूपी 112 वाहन के पीआरवी कर्मी ने ही अपने साथियों के साथ भाजपा नेता की चार अंगूठी, चैन और दो मोबाइल निकाले थे। मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना से खाकी की साख पर बट्टा लगा है।
पुलिस ने पीआरवीकर्मी समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। कस्बा चरखारी के मोहल्ला घुसयाना निवासी भाजयुमो नगर अध्यक्ष व व्यापार मंडल में युवा महामंत्री सचिन पाठक 16 सितंबर की रात सूपा-चरखारी मोड़ के पास सड़क किनारे घायल अवस्था में मिले थे। सूचना पर पहुंचे पीआरवी कर्मी उसे जिला अस्पताल लाए। जहां इलाज दौरान उसकी मौत हो गई थी।
मृतक के भाई अनूप पाठक ने लूटपाट के बाद हत्या का आरोप लगाया था। चार अंगुलियों से अंगूठी, गले की चैन, 11 हजार रुपये व दो मोबाइल भी गायब मिले थे। तहरीर के आधार पर पुलिस ने लूट और हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। एसपी पलाश बंसल ने घटना के खुलासे के लिए चार टीमें गठित की थीं। पुलिस की जांच में सामने आया कि पीआरवी वाहन में तैनात सिपाही नीलकमल ने अपने दो अन्य साथियों के साथ घायल के पास से दो मोबाइल, चार अंगूठी और सोने की चैन निकाल ली थी।
तीनों को भेजा गया जेल
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार किया। जिनके कब्जे से सोने की चैन, तीन अंगूठी व दो एंड्रॉयड मोबाइल बरामद हुए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना में शामिल सिपाही नीलकमल निवासी मुक्तीगंज जनपद जौनपुर, उमेशचंद्र गुप्ता निवासी मगरियापुरा और जवाहर पाटकर निवासी जुगयानापुरा, महोबा को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया। खुलासा होने के बाद स्पष्ट हो गया कि भाजपा नेता की हत्या नहीं बल्कि दुर्घटना में मौत हुई थी और सामान पीआरवी कर्मी ने साथियों के साथ निकाल लिया था।
पुलिस दिखाती मानवता तो बच सकती थी जान
भाजयुमो नगर अध्यक्ष चरखारी सचिन पाठक के दुर्घटना में घायल होने के बाद वहां से गुजरे लोगों ने जब एक युवक को सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़ा देखा, तो यूपी 112 पुलिस को सूचना दी। एक पुलिसकर्मी घायल को अस्पताल पहुंचाने के बजाय पहले माल कब्जे में लेने में जुटा रहा। इसके बाद में उसे अस्पताल लाया गया, जहां इलाज दौरान मौत हो गई। लोगों का कहना है कि यदि सिपाही मानवता दिखाते हुए घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाता, तो उसकी जान बच सकती थी।