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Kanpur News: लीज खत्म होने वाली जमीनों पर बसाए जा सकते हैं उद्योग

Thu, 28 May 2026 02:16 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2026 02:16 AM IST
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Industries can be set up on land where lease expires
फोटो
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मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी बोले, कानपुर में उद्योग, पर्यटन के लिए संभावनाएं, स्टार्टअप को दिया जाएगा बढ़ाया
होटल, अस्पतालों की नक्शा और एनओसी की प्रक्रिया और तेज की जाएगी, कानपुर के ग्रीनपार्क स्टेडियम का होगा कायाकल्प
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि कानपुर समेत उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास जरूरी है। कभी पूर्व का मैनचेस्टर कानपुर को दोबारा पुरानी पहचान दिलाना है। इसके लिए प्रशासन की ओर से खाली कराई जा रही लीज की जमीनों पर उद्योगों को बसाया जाएगा। होजरी, रेडीमेड समेत अन्य उद्यमों की स्थापना के लिए उद्यमियों के बीच से ठोस प्रस्ताव आता है तो सरकार गंभीरता से विचार करेगी। लखनऊ की तरह कानपुर का चौतरफा विकास सरकार की प्राथमिकताओं में है। आउटर रिंग रोड, डिफेंस कॉरिडोर फेज दो का काम भी जल्द शुरू होगा।
बुधवार को यूपीसीडा, यूपी निवेश और नगर निगम के बैनर तले बिठूर स्थित एक होटल में आयोजित कानपुर औद्योगिक पुनर्जागरण 2026 कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अवनीश अवस्थी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कानपुर के विकास के बिना उत्तर प्रदेश की उन्नति की कल्पना नहीं की जा सकती है। 2047 तक बेहतर व सुखद बदलाव लाना है तो कानपुर को विकास की रफ्तार तेज करनी होगी।
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ग्रीनपार्क के कायाकल्प की रूपरेखा जल्द धरातल पर उतरेगी। रिंग रोड के निर्माण से जाम से निजात मिलेगी। डिफेंस कॉरिडोर फेज दो शुरू होने से कई कंपनियां यहां निवेश करेंगी। कानपुर आज भी औद्योगिक राजधानी है। आईआईटी कानपुर में एक हजार करोड़ की लागत से हॉस्पिटल बन रहा है। कृत्रिम हार्ट पर काम किया जा रहा है। यहीं पर ड्रोन एक्सीलेंस सेंटर भी बनाया जा रहा है। उन्होंने बिठूर को पयर्टन का बड़ा केंद्र बनाने की बात कही। कहा कि अयोध्या में एक साल में 75 होटलों का नक्शा पास हुआ है। इसी तर्ज पर कानपुर में होटलों और अस्पतालाें के नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। मेक इन इंडिया की तर्ज पर डिजाइन इन इंडिया पर काम होना चाहिए। इसके लिए प्रस्ताव लाकर एचबीटीयू के माध्यम से आगे बढ़ा जाएगा। आईआईटी के स्टार्टअप को सरकार का सहयोग मिलेगा। बिठूर के धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह बेहतर माध्यम है।
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अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य चिकित्सा अमित कुमार घोष ने कहा कि कानपुर में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बाहरी निवेश जरूरी है। शहर में चिकित्सा क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है। यूपी एआई मिशन में कानपुर को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए। यहां अच्छे हॉस्पिटल और अच्छी सुविधा देने पर काम हो रहा है।
इससे पहले आईआईए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील वैश्य ने शहर के औद्योगिक इतिहास की जानकारी दी। बताया कि 26 हजार से ज्यादा इकाइयां संचालित की जा रही हैं। उद्यमी बलराम नरूला ने बीआईसी या एनटीसी की बंद पड़ी किसी एक मिल की जमीन पर होजरी क्लस्टर विकसित करने की बात रखी। रेल कोच निर्माता कारोबारी आरएन त्रिपाठी ने बोगी डिजाइन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए बोगी डिजाइन एक्सीलेंस सेंटर की बात कही। जेके सीमेंट के डिप्टी एमडी एके सरावगी ने कहा कि जेके समूह ने शहर के उद्योगों में सबसे बड़ा योगदान दिया। अब फिर से शहर में उद्योग स्थापना पर फोकस कर रहे हैं।
इस दाैरान इस दाैरान काॅफी टेबल बुक का भी अनावरण किया गया। कानपुर के इतिहास पर प्रेजेंटेंशन भी दिया गया। कार्यक्रम आयोजक नीरज श्रीवास्तव, सुरेंद्र जायसवाल, मनीष कटारिया, मनोज गुप्ता, मनोज बंका, बृजेश अवस्थी, हर्षल अग्रवाल, सुचेता वाही आदि मौजूद रहे।

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ऐसी नीति बने कि युवा शहर में ही रहें
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक ने कहा कि शहर अब युवाओं का डेस्टीनेशन नहीं रह गया है। बड़े उद्योग घराने के युवा भी शहर में रहना नहीं चाहते हैं। यह एक चिंता का विषय है। शहर युवाओं के मन के अनुरूप नहीं बन रहा है। शहर के युवाओं को उनके अनुरूप वाला शहर चाहिए। इसकी जिम्मेदारी सभी की है। युवा नहीं होंगे तो शहर में बुजुर्गों की खांसी सुनाई देगी और युवाओं का उत्साह नहीं दिखेगा। उन्होंने मोबाइल कंपनी नोकिया का उदाहरण देकर कहा कि कंपनी ने अपना ऑपरेशनल सिस्टम नहीं बदला और एक समय मोबाइल बाजार में राज करने के बाद गायब सा हो गया।
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