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अब एक क्लिक पर औद्योगिक क्षेत्र की कुंडली
आदर्श त्रिपाठी, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 28 Jan 2017 01:24 AM IST
सार
यूपीएसआईडीसी से शुरू किया पूर्ण रूप से ऑनलाइन व्यवस्था पर कार्य
औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण, निवेश, रोजगार की स्थिति की तत्काल मिलेगी जानकारी
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विस्तार
अब प्रदेश भर के औद्योगिक क्षेत्रों की कुंडली एक क्लिक पर मिल सकेगी। इन क्षेत्रों में प्रदूषण वाली इकाइयों, रोजगार की संख्या, निवेश की स्थिति का पता तुरंत चल सकेगा। साथ ही फाइलों में दर्ज गलतियों को सुधारा जा सकेगा। उप्र राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) ने नए सिस्टम पर काम शुरू कर दिया है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के अंतर्गत सिस्टम लगाने के लिए कंपनियों का प्रजेंटेशन शुरू हो गया है। अगले माह तक कंपनी का चयन कर लिया जाएगा।
यूपीएसआईडीसी में वेबसाइट पर अभी खाली भूखंडों की ही जानकारी मिलती है। हाल ही में निगम ने भूखंडों के आवंटन और विभिन्न शुल्कों के भुगतान के लिए वेबसाइट पर काम शुरू कराया है। अब इसमें कई अन्य सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। नई व्यवस्था में लॉगिन-पासवर्ड के जरिये उद्यमी खुद अपनी डिटेल भर सकेंगे। क्षेत्र में किसी श्रेणी का उद्योग लगा, कितना निवेश हुआ, कितने लोगों को रोजगार मिला, कौन सा उद्योग कितना प्रदूषण फैला रहा है आदि की जानकारी तत्काल मिल सकेगी।
प्रोजेक्ट से जुड़े निगम के मुख्य प्रबंधक बीके नंदा ने बताया कि निगम मुख्यालय में कंप्यूटराइजेशन के लिए सरकारी संस्थाओं यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स, यूपी डेस्को और श्रीटॉन ने प्रजेंटेशन दे दिया है। कंपनी के प्रस्तावों का आकलन किया जा रहा है। इसके बाद चयनित कंपनी को सिस्टम विकसित करने को कहा जाएगा।
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यूपीएसआईडीसी में वेबसाइट पर अभी खाली भूखंडों की ही जानकारी मिलती है। हाल ही में निगम ने भूखंडों के आवंटन और विभिन्न शुल्कों के भुगतान के लिए वेबसाइट पर काम शुरू कराया है। अब इसमें कई अन्य सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। नई व्यवस्था में लॉगिन-पासवर्ड के जरिये उद्यमी खुद अपनी डिटेल भर सकेंगे। क्षेत्र में किसी श्रेणी का उद्योग लगा, कितना निवेश हुआ, कितने लोगों को रोजगार मिला, कौन सा उद्योग कितना प्रदूषण फैला रहा है आदि की जानकारी तत्काल मिल सकेगी।
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प्रोजेक्ट से जुड़े निगम के मुख्य प्रबंधक बीके नंदा ने बताया कि निगम मुख्यालय में कंप्यूटराइजेशन के लिए सरकारी संस्थाओं यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स, यूपी डेस्को और श्रीटॉन ने प्रजेंटेशन दे दिया है। कंपनी के प्रस्तावों का आकलन किया जा रहा है। इसके बाद चयनित कंपनी को सिस्टम विकसित करने को कहा जाएगा।
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