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औद्योगिक भूखंड में बारातशाला
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 May 2016 01:10 AM IST
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कागज के कारखाने में आग लग गई
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कानपुर। उद्योग निदेशालय के अधीन आते राजकीय औद्योगिक आस्थान फजलगंज स्थित औद्योगिक भूखंडों में लीज डीड का जमकर उल्लंघन हुआ है। विभाग की ओर से जिस मकसद से भूखंड आवंटित किए गए, उसका पालन न करके उद्यमियों ने उन्हें अपने तरीके से इस्तेमाल किया है। इन भूखंडों पर कहीं बारातशाला बना ली गई तो कहीं दुकानें बनवाकर किराये पर उठा दी गईं। शासन ने इस पर आपत्ति जताई है और उद्योग निदेशालय से जांच करवाकर 60 उद्यमियों को कार्यवाही के लिए नोटिस भेजा है।
इस तरह हुआ उल्लंघन
a भूखंड संख्या 10 को आटो पार्ट्स सर्विसिंग के लिए ट्रांसफर कराया गया था। यहां पर बारातशाला खुली है a भूखंड संख्या 21 भसीन कारपोरेशन के नाम से ट्रांसफर है और तीन भाइयों में बंटा है। एक भाई ने इसका एक हिस्सा साबुन निर्माता विकास केमिकल को बेच दिया है a भूखंड संख्या 11 में लगी फैक्ट्री कई साल से बंद है। यहां पर लोग मकान बनाकर रह रहे हैं a भूखंड संख्या 109 में किराये पर उठाने के लिए दो दुकानें बना दी गईं। नियमानुसार किराये पर दुकानें उठाने का कोई प्रावधान नहीं है a भूखंड संख्या 41 रेडिमेड गारमेंट के लिए प्लाट अलॉट हुआ था, लेकिन अब यहां एस्सल पैलेस नाम से बारातशाला बना दी गई a भूखंड संख्या 42 में साइकिल पार्ट्स बनाने के लिए प्लॉट आवंटित हुआ था। अब यहां आरके ट्रेडर्स (सीमेंट गिट्टी की दुकान) और बनारसी लड्डू के नाम से दुकानें चल रही हैं।
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इस तरह हुआ उल्लंघन
a भूखंड संख्या 10 को आटो पार्ट्स सर्विसिंग के लिए ट्रांसफर कराया गया था। यहां पर बारातशाला खुली है a भूखंड संख्या 21 भसीन कारपोरेशन के नाम से ट्रांसफर है और तीन भाइयों में बंटा है। एक भाई ने इसका एक हिस्सा साबुन निर्माता विकास केमिकल को बेच दिया है a भूखंड संख्या 11 में लगी फैक्ट्री कई साल से बंद है। यहां पर लोग मकान बनाकर रह रहे हैं a भूखंड संख्या 109 में किराये पर उठाने के लिए दो दुकानें बना दी गईं। नियमानुसार किराये पर दुकानें उठाने का कोई प्रावधान नहीं है a भूखंड संख्या 41 रेडिमेड गारमेंट के लिए प्लाट अलॉट हुआ था, लेकिन अब यहां एस्सल पैलेस नाम से बारातशाला बना दी गई a भूखंड संख्या 42 में साइकिल पार्ट्स बनाने के लिए प्लॉट आवंटित हुआ था। अब यहां आरके ट्रेडर्स (सीमेंट गिट्टी की दुकान) और बनारसी लड्डू के नाम से दुकानें चल रही हैं।
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