फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   India-China business: China takes 20 thousand crores every year from Kanpur

भारत-चीन कारोबार: कानपुर से 20 हजार करोड़ प्रति वर्ष ले जाता है चीन, कारोबारियों की हर जरूरत होती है पूरी

Sun, 21 Jun 2020 08:26 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 21 Jun 2020 08:26 AM IST
विज्ञापन
India-China business: China takes 20 thousand crores every year from Kanpur
भारत और चीन के बीच कारोबार - फोटो : Amar Ujala Graphics
चीन के साथ तनाव के बीच मौजूदा समय में वहां के उत्पादों के बहिष्कार की मांग तेज हो गई है। कारोबारियों की हर जरूरत को पूरा करने वाला चीन शहर से हर साल 20 हजार करोड़ रूपये का कारोबार करता है। चीन के बने इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैंसी आइटम, आर्टीफिशियल ज्वैलरी समेत 500 अलग-अलग ट्रेड का शहर बहुत बड़ा बाजार है। 
विज्ञापन


कारोबारियों का तर्क है कि उनके पास कोई विकल्प नही हैं। वहां से आने वाले उत्पाद न केवल सस्ते होते हैं बल्कि कारोबारियों के कहने पर उनकी स्टांपिंग (उनका बना हुआ माल) की मुहर तक लग जाती है। ऐसी सुविधा कोई और देश नहीं देता है। देश की जानी-मानी पंखा कंपनी वहां से इसी तरह कारोबार करके अपने ब्रांड नेम से इसकी सप्लाई करती है।
विज्ञापन


कंफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स कैट के राष्ट्रीय सचिव पंकज अरोड़ा ने बताया कि देश भर में हर साल चीन से सवा छह लाख करोड़ रुपये के सामान का आयात किया जाता है। अकेले कानपुर में 20 हजार करोड़ का आयात होता है। कानपुर समेत देश भर के हर ट्रेड या बाजार में चीन की पहुंच है। दरअसल वहां के बने उत्पाद न केवल सस्ते होते हैं। बल्कि गुणवत्ता में भी बेहतर होते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


 

India-China business: China takes 20 thousand crores every year from Kanpur
भारत-चीन कारोबार - फोटो : Amar Ujala
कानपुर इलेक्ट्रिकल, कॉन्ट्रैक्टर एंड मर्चेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव मेहरोत्रा कहते हैं कि पंखा, समेत इलेक्ट्रिकल का हर एक आइटम चीन से ही आ रहा है। व्यापारी इन उत्पादों की मैन्यूफैक्चरिंग न करके चीन से हर साल सैकड़ों कंटेनर माल मंगवाते हैं और उनकी बिक्त्रस्ी करते हैं। 30-40 फीसदी मार्जिन मिलने के कारण चीन से माल मंगाना बेहतर समझते हैं।

सरकार आयात पर रोक लगा दे तो चीनी उत्पादों का बहिष्कार किया जा सकता है। मोबाइल फोन, आईपैड के कारोबारी परमजीत सिंह ने बताया कि मोबाइल बाजार में चीन, कोरिया और फिनलैंड की कंपनी हैं। सबसे ज्यादा चीन की कंपनियां हैं। एक-एक कंपनी का डीलर शहर में हर महीने 10-15 करोड़ का कारोबार करता है। इन कंपनियों के उत्पाद अन्य कंपनियों से सस्ता होने के कारण बंपर बिकते हैं। आयरन एंड स्टील ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश सोनी ने बताया कि चीन की घुसपैठ हर बाजार में है।

इन बाजारों में है चीन की पैठ
इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रानिक उपकरण, गारमेंट और इससे जुड़ी एसेसरीज, हैंडबैग और ट्रैवल गुड्स, गिफ्ट और परफ्यूम, हाउसहोल्ड जैसे किचन से जुड़े उत्पाद, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, ज्वैलरी बॉक्स, रत्न, ज्वैलरी बनाने वाली मशीन, सभी प्रकार की घड़ियां, लाइट से जुडे़ उत्पाद, टेलीकॉम, खिलौना और अन्य खेल के उत्पाद, छोटे बच्चों के सभी प्रकार के उत्पाद, आटो पार्ट्स और एसेसरीज, बिल्डिंग मैटीरियल और हार्डवेयर, कप्यूटर और उसके उपकरण, वातावरण से जुड़े उपकरण, आंखों की जांचने वाली मशीन व उपकरण, पशुओं के खाद्य उत्पाद, फुटवियर, फर्नीचर और फर्निषिंग, सौंदर्य प्रशाधन के उत्पाद, मिल एंड मशीनरी उत्पाद, मेडिकल से जुडे़ उत्पाद, जड़ी बूटी, पैकेजिंग प्रोडक्ट व मैटीरियल, फोटोग्राफिक और ऑप्टिकल उत्पाद, खेल से जुडे़ उत्पाद, स्टेशनरी, टेक्सटाइल, फैब्रिक्स, टायर, चॉकलेट, कैंडी, प्लास्टिक के उत्पाद, सर्जिकल उत्पाद, बर्तन, सुरक्षा उपकरण, ब्लैंकेट आदि बाजारों में चीन की पैठ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed