सपा-बसपा के झगड़े में बलि चढ़ा यह निर्दलीय उम्मीदवार
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उत्तर प्रदेश के महोबा में चुनावी रंजिश के दौरान हुई हिंसा में यह निर्दलीय उम्मीदवार सपा-बसपा के झगड़े में बलि चढ़ गया। रविवार को अस्पताल में इलाज के दौरान इसकी मौत हो गई।
गौरतलब है उत्तर प्रदेश विधानसभा के चौथे चरण के मतदान से कुछ घंटे पहले सपा और बसपा प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच फायरिंग हुई थी। इसमें एक निर्दलीय प्रत्याशी समेत चार लोग घायल हो हुए थे। इनमें निर्दलीय प्रत्याशी राकेश सिंह रविवार को अस्पताल में अपनी जिंदगी की जंग लड़ते-लड़ते हार गया।
23 फरवरी को मतदान दिवस पर राकेश को लगी थी गोली
मामले में राकेश सिंह के भाई देवेश सिंह की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जिसमें कहा 23 फरवरी को तड़के करीब 3 बजे राकेश सिंह को सूचना मिली कि समाजवादी प्रत्याशी सिद्धगोपाल साहू के समर्थन में उनके बेटे साकेत साहू और सौरभ साहू व सपा पदाधिकारी तारिक और हर्ष से तीन से चार अज्ञात व्यक्तियों के साथ महोबा के बजरिया में मतदाताओं को प्रलोभन देकर पक्ष में वोट डालने का दबाव बनवा रहे हैं।
राकेश सिंह के सिर में लगी थी गोली
वे रुपए भी बांट रहे हैं। इसके बाद वह और राकेश सिंह और जसवंत सिंह अन्य लोगो के साथ अपनी इनोवा से मौके पर पहुंचे। इसी दौरान दोनों पक्षों में गोलीबारी हुई, जिसमें राकेश सिंह के सिर में गोल लग गई, वहीं दूसरी तरफ से साकेत और तारिक को गोली लगी।
सपा बसपा समर्थकों की कारें आपस में टकराने की वजह से हुआ था झगड़ा
वहीं घटना के दिन अपर पुलिस अधीक्षक राजेश सक्सेना ने बताया था कि सपा के सदर से प्रत्याशी सिद्धगोपाल साहू तथा बसपा के प्रत्याशी अमिर्दन सिंह नाना के समर्थकों की कारें आपस में टकराने की वजह से झगड़ा हुआ था जिसके बाद मामला बढ गया।
सक्सेना ने यह भी कहा थी कि कि दोनों पक्षों के बीच फायरिंग शुरू हो गयी, जिसमें निर्दलीय राकेश सिंह भी घायल हो गये। तीन अन्य लोग भी घायल हुए हैं। राकेश का इलाज कानपुर में चल रहा था। जबकि अन्य का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है।