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कोरोना का नया स्ट्रेन: 90 से नीचे ऑक्सीजन होने पर कोख में मर रहे शिशु, बढ़ रहे गर्भवतियों की मौत के मामले
Fri, 07 May 2021 12:13 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 07 May 2021 12:13 PM IST
सार
हैलट के मैटरनिटी विंग कोविड हॉस्पिटल में हाल ही में चार गर्भवती महिलाओं की मौत हो चुकी है। इसके अलावा जच्चा-बच्चा अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को ऑक्सीजन पर रखा गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कोरोना के नए स्ट्रेन का संक्रमण गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु के लिए घातक हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि 90 फीसदी के नीचे ऑक्सीजन लेवल आने पर कोख का शिशु मर जाता है। इसके बाद गर्भवती की मौत भी हो जाती है।
हैलट के मैटरनिटी विंग कोविड हॉस्पिटल में हाल ही में चार गर्भवती महिलाओं की मौत हो चुकी है। इसके अलावा जच्चा-बच्चा अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को ऑक्सीजन पर रखा गया है। जच्चा-बच्चा अस्पताल की कोविड नोडल अधिकारी डॉ. सीमा द्विवेदी ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में अभी तक 200 महिलाएं आई हैं।
उन्होंने बताया कि दिक्कत उन्हीं गर्भवती महिलाओं में आ रही है जिन्हें वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है। ऑक्सीजन लेवल 90 के नीचे आते ही गंभीर स्थिति हो जाती है। सबसे पहले गर्भस्थ शिशु पर खतरा आता है।
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हैलट के मैटरनिटी विंग कोविड हॉस्पिटल में हाल ही में चार गर्भवती महिलाओं की मौत हो चुकी है। इसके अलावा जच्चा-बच्चा अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को ऑक्सीजन पर रखा गया है। जच्चा-बच्चा अस्पताल की कोविड नोडल अधिकारी डॉ. सीमा द्विवेदी ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में अभी तक 200 महिलाएं आई हैं।
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उन्होंने बताया कि दिक्कत उन्हीं गर्भवती महिलाओं में आ रही है जिन्हें वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है। ऑक्सीजन लेवल 90 के नीचे आते ही गंभीर स्थिति हो जाती है। सबसे पहले गर्भस्थ शिशु पर खतरा आता है।
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