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संस्थागत प्रसव बढ़ाएं, बेहतर करें स्वास्थ्य सेवाएं : जिलाधिकारी
Tue, 24 Jun 2025 01:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Tue, 24 Jun 2025 01:10 AM IST
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जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक लेते जिलाधिकारी आलोक सिंह।
- फोटो : स्रोत सूचना विभाग
कानपुर देहात। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया जाए। कहीं पर किसी भी तरह खामियां नहीं मिलनी चाहिए। गर्भवतियों की ट्रैकिंग कर संस्थागत प्रसव बढ़ाए। विशेष संचारी रोग अभियान को लेकर समन्वय स्थापित करें और अभियान को सफल बनाएं। यह निर्देश जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सोमवार को जिलाधिकारी आलोक सिंह ने दिए।
कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आलोक सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय व विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान, दस्तक अभियान की समीक्षा बैठक हुई। समीक्षा में संस्थागत प्रसव बढ़ाने, आशाओं द्वारा गर्भवती महिलाओं की शत प्रतिशत ट्रैकिंग, गर्भवती महिलाओं व बच्चों का डाटा समय से ऐप पर अपलोड करने, मातृत्व मृत्यु दर में कमी करने, हेल्थ बेलनेस सेंटर, सीएचसी, पीएचसी में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को संस्थागत प्रसव बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए। कहा कि प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचने वाली महिलाओं को त्वरित चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए। आशाओं के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जाए कि शत प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का प्रसव संस्थागत रूप से हो। शासन द्वारा मिलने वाले लाभ को समय से गर्भवतियों को दिया जाए। उन्होंने आशाओं का मानदेय भी समय से भुगतान करने की बात कही। साथ ही कहा कि काम में लापरवाही करने वाली आशाओं पर कार्रवाई की जाए।
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जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत समीक्षा करते हुए बच्चों को आवश्यक सुविधाएं इलाज, जांच, दवा आदि उपलब्ध कराए जाने पर जोर दिया। जिला चिकित्सालय में स्थापित एनआरसी को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किए जाने तथा ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से सभी मरीजों का इलाज किए जाने के निर्देश दिए।
सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि जिले में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एक जुलाई से 31 जुलाई तक और 11 जुलाई से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। इस पर जिलाधिकारी ने विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत मुख्य रूप से सार्वजनिक भवनों, धार्मिक स्थलों व भीड़ भाड़ वाले स्थानों, सीएचसी, पीएचसी, आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय आदि के आस-पास नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई, एंटी लार्वा का छिड़काव, फॉगिंग आदि करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान मानसून के दौरान फैलने वाली बीमारियों जैसे दस्त (एक्यूट डायरियल डिजीजेज), दिमागी बुखार, मलेरिया, और अन्य संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए शुरू किया गया है।
अभियान का उद्देश्य संचारी रोग जैसे बुखार, इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी, क्षय रोग, कुष्ठ रोग, फाइलेरिया और कुपोषित बच्चों सहित विभिन्न रोगों की पहचान और उपचार करना है। मच्छरों के प्रजनन क्षेत्रों की पहचान और नियंत्रण, घर-घर जाकर रोगों से बचाव और उपचार की जानकारी दी जाए। बीमारी नियंत्रण को लेकर अस्पतालों में सभी तरह के इंतजाम दुरुस्त कर लिए जाएं। कहीं पर लापरवाही मिली तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीडीओ लक्ष्मी एन, एसीएमओ डॉ. एसएल वर्मा, सीएमएस डॉ. वंदना सिंह आदि रहे।
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कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आलोक सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय व विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान, दस्तक अभियान की समीक्षा बैठक हुई। समीक्षा में संस्थागत प्रसव बढ़ाने, आशाओं द्वारा गर्भवती महिलाओं की शत प्रतिशत ट्रैकिंग, गर्भवती महिलाओं व बच्चों का डाटा समय से ऐप पर अपलोड करने, मातृत्व मृत्यु दर में कमी करने, हेल्थ बेलनेस सेंटर, सीएचसी, पीएचसी में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
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जिलाधिकारी ने सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को संस्थागत प्रसव बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए। कहा कि प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचने वाली महिलाओं को त्वरित चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए। आशाओं के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जाए कि शत प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का प्रसव संस्थागत रूप से हो। शासन द्वारा मिलने वाले लाभ को समय से गर्भवतियों को दिया जाए। उन्होंने आशाओं का मानदेय भी समय से भुगतान करने की बात कही। साथ ही कहा कि काम में लापरवाही करने वाली आशाओं पर कार्रवाई की जाए।
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जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत समीक्षा करते हुए बच्चों को आवश्यक सुविधाएं इलाज, जांच, दवा आदि उपलब्ध कराए जाने पर जोर दिया। जिला चिकित्सालय में स्थापित एनआरसी को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किए जाने तथा ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से सभी मरीजों का इलाज किए जाने के निर्देश दिए।
सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि जिले में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एक जुलाई से 31 जुलाई तक और 11 जुलाई से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। इस पर जिलाधिकारी ने विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत मुख्य रूप से सार्वजनिक भवनों, धार्मिक स्थलों व भीड़ भाड़ वाले स्थानों, सीएचसी, पीएचसी, आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय आदि के आस-पास नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई, एंटी लार्वा का छिड़काव, फॉगिंग आदि करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान मानसून के दौरान फैलने वाली बीमारियों जैसे दस्त (एक्यूट डायरियल डिजीजेज), दिमागी बुखार, मलेरिया, और अन्य संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए शुरू किया गया है।
अभियान का उद्देश्य संचारी रोग जैसे बुखार, इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी, क्षय रोग, कुष्ठ रोग, फाइलेरिया और कुपोषित बच्चों सहित विभिन्न रोगों की पहचान और उपचार करना है। मच्छरों के प्रजनन क्षेत्रों की पहचान और नियंत्रण, घर-घर जाकर रोगों से बचाव और उपचार की जानकारी दी जाए। बीमारी नियंत्रण को लेकर अस्पतालों में सभी तरह के इंतजाम दुरुस्त कर लिए जाएं। कहीं पर लापरवाही मिली तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीडीओ लक्ष्मी एन, एसीएमओ डॉ. एसएल वर्मा, सीएमएस डॉ. वंदना सिंह आदि रहे।