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नोटबंदी का असर: कानपुर से आए चौंकाने वाले आंकड़े, कर वसूली में हुई करोड़ों की वृद्धि
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 08 Nov 2017 08:40 AM IST
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नोटबंदी और आपरेशन क्लीन मनी के बाद आयकर विभाग में ई-रिटर्न भरने वालों और नए करदाताओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख पांच अगस्त तक कानपुर स्थित प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (यूपी और उत्तराखंड) के अधीन आते क्षेत्र में करीब पांच लाख लोगों ने पहली बार ई रिटर्न भरा है। इस तरह से कुल 27 फीसदी करदाता बढ़े हैं। नतीजा ये रहा कि टैक्स कलेक्शन में पिछले वर्ष की तुलना में करीब 15 फीसदी की वृद्धि हुई है। वर्ष 2015-16 के मुकाबले 2016-17 में 53341 करदाताओं ने पेपर रिटर्न से तौबा की है।
केंद्र सरकार के निर्देश पर आयकर विभाग ने 31 जनवरी 2017 को आपरेशन क्लीन मनी की शुरुआत की थी। इसे दो चरणों में बांटकर काम किया गया था। पहले चरण में नोटबंदी के दौरान बैंक खातों में हुए संदिग्ध लेनदेन की डाटा माइनिंग की गई। बड़ी संख्या में संदिग्ध डिपॉजिट सामने आए। इसके बाद बैंक खातों में जमा मोटी रकम का मिलान आयकर विभाग में उसके रिटर्न से किया गया।
पता चला कि बैंक में जमा रकम और रिटर्न में जमीन आसमान का अंतर है। ऐसे खाताधारकों को अलग किया गया। आयकर विभाग ने सभी खाताधारकों को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब देने को कहा। मीडिया कैंपेन चलाया गया और अघोषित संपत्ति घोषित करने के लिए जागरूक किया गया। नतीजा ये हुआ कि जिन्होंने रिटर्न नहीं भरा था उन्होंने भी भरना शुरू किया। बड़ी संख्या में लोगों ने बैंकों में जमा अघोषित संपत्ति को घोषित किया और वाजिब करदाता बने।
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केंद्र सरकार के निर्देश पर आयकर विभाग ने 31 जनवरी 2017 को आपरेशन क्लीन मनी की शुरुआत की थी। इसे दो चरणों में बांटकर काम किया गया था। पहले चरण में नोटबंदी के दौरान बैंक खातों में हुए संदिग्ध लेनदेन की डाटा माइनिंग की गई। बड़ी संख्या में संदिग्ध डिपॉजिट सामने आए। इसके बाद बैंक खातों में जमा मोटी रकम का मिलान आयकर विभाग में उसके रिटर्न से किया गया।
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पता चला कि बैंक में जमा रकम और रिटर्न में जमीन आसमान का अंतर है। ऐसे खाताधारकों को अलग किया गया। आयकर विभाग ने सभी खाताधारकों को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब देने को कहा। मीडिया कैंपेन चलाया गया और अघोषित संपत्ति घोषित करने के लिए जागरूक किया गया। नतीजा ये हुआ कि जिन्होंने रिटर्न नहीं भरा था उन्होंने भी भरना शुरू किया। बड़ी संख्या में लोगों ने बैंकों में जमा अघोषित संपत्ति को घोषित किया और वाजिब करदाता बने।
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आयकर आयुक्तालय (यूपी पश्चिम व उत्तराखंड) की स्थिति एक नजर में
टैक्स कलेक्शन: एक साल में 14.79 फीसदी ग्रोथ
वर्ष-2015-16 में जमा टैक्स - 19418 करोड़ रुपये
वर्ष-2016-17 में जमा टैक्स - 22,289 करोड़ रुपये
रिटर्न: एक साल में 5,23,605 करदाता बढ़े (27 फीसदी)
वर्ष-2015-16 में पेपर रिटर्न- 1,49,659
वर्ष 2015-16 में ई रिटर्न- 17,66162
कुल- 19,15,4821
वर्ष-2015-16 में पेपर रिटर्न- 96318
वर्ष-2016-17 में ई-रिटर्न - 23,40,108
कुल- 24,36,426
पैन कार्डधारी: एक साल में बढ़े 3482607 (31 फीसदी)
वर्ष 2015-16 में 1,13,32,364
वर्ष 2016-17 में 1,14,14,971
टैक्स कलेक्शन: एक साल में 14.79 फीसदी ग्रोथ
वर्ष-2015-16 में जमा टैक्स - 19418 करोड़ रुपये
वर्ष-2016-17 में जमा टैक्स - 22,289 करोड़ रुपये
रिटर्न: एक साल में 5,23,605 करदाता बढ़े (27 फीसदी)
वर्ष-2015-16 में पेपर रिटर्न- 1,49,659
वर्ष 2015-16 में ई रिटर्न- 17,66162
कुल- 19,15,4821
वर्ष-2015-16 में पेपर रिटर्न- 96318
वर्ष-2016-17 में ई-रिटर्न - 23,40,108
कुल- 24,36,426
पैन कार्डधारी: एक साल में बढ़े 3482607 (31 फीसदी)
वर्ष 2015-16 में 1,13,32,364
वर्ष 2016-17 में 1,14,14,971
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एक्सपर्ट कमेंट
आयकर विभाग को यह सफलता इस वजह से मिली क्योंकि पहले के मुकाबले किसी केस का फॉलोअप बढ़ा है। डाटा माइनिंग नया हथियार सामने आया है। अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर इसमें मदद कर रहे हैं। पहले मामलों की इतनी तहकीकात नहीं होती थी। करोड़ों की आमदनी वाले भी टैक्स जमा करने की मुख्यधारा से गायब थे। आयकर इसी रफ्तार से काम करता रहा तो केंद्र की कालेधन की मुहिम को बहुत जल्द सफलता मिलेगी।
विवेक खन्ना, चार्टर्ड एकाउंटेंट
राष्ट्रीय आंकड़ा
ई-रिटर्न में 25.30 फीसदी वृद्धि
देश भर में 57 लाख लोगों ने पहली बार ई-रिटर्न भरा। इस तरह से देश में ई-रिटर्न भरने वालों की कुल संख्या 2.79 करोड़ हो गई है। वर्ष 2015-16 के मुकाबले यह वृद्धि 25.30 फीसदी है।
17 फीसदी बढे़ व्यक्तिगत करदाता
नोटबंदी और आपरेशन क्लीन मनी के बाद देश भर में मैनुअल और ई-रिटर्न भरने वाले करदाताओं में कुल 17 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई। यानी वर्ष 2016-17 में (ई-रिटर्न व पेपर रिटर्न भरने वाले) एक करोड़ 26 लाख करदाता बढ़े। वर्ष 30 जून 2017 तक देश में कुल 5.43 करोड़ व्यक्तिगत करदाता हो गए।
आयकर विभाग को यह सफलता इस वजह से मिली क्योंकि पहले के मुकाबले किसी केस का फॉलोअप बढ़ा है। डाटा माइनिंग नया हथियार सामने आया है। अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर इसमें मदद कर रहे हैं। पहले मामलों की इतनी तहकीकात नहीं होती थी। करोड़ों की आमदनी वाले भी टैक्स जमा करने की मुख्यधारा से गायब थे। आयकर इसी रफ्तार से काम करता रहा तो केंद्र की कालेधन की मुहिम को बहुत जल्द सफलता मिलेगी।
विवेक खन्ना, चार्टर्ड एकाउंटेंट
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ई-रिटर्न में 25.30 फीसदी वृद्धि
देश भर में 57 लाख लोगों ने पहली बार ई-रिटर्न भरा। इस तरह से देश में ई-रिटर्न भरने वालों की कुल संख्या 2.79 करोड़ हो गई है। वर्ष 2015-16 के मुकाबले यह वृद्धि 25.30 फीसदी है।
17 फीसदी बढे़ व्यक्तिगत करदाता
नोटबंदी और आपरेशन क्लीन मनी के बाद देश भर में मैनुअल और ई-रिटर्न भरने वाले करदाताओं में कुल 17 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई। यानी वर्ष 2016-17 में (ई-रिटर्न व पेपर रिटर्न भरने वाले) एक करोड़ 26 लाख करदाता बढ़े। वर्ष 30 जून 2017 तक देश में कुल 5.43 करोड़ व्यक्तिगत करदाता हो गए।