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IT raid on Ghanaram Group: फर्जी बिल से कम मुनाफा दिखाकर की कर चोरी, चार करोड़ के गहने और एक करोड़ नकद जब्त

Sun, 07 Aug 2022 12:09 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 07 Aug 2022 12:09 AM IST
सार

घनाराम ग्रुप और उससे जुड़े बिल्डरों के यहां चल रही आयकर जांच में महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगे हैं। साथ ही, पांच लॉकरों से चार करोड़ के गहनेऔर एक करोड़ की नकदी और मिली हैं। वहीं, तीन दिन लगातार इंतजार करने के आयकर टीम ने चार्टर्ड अकाउंटेंट दिनेश सेठी के घर का ताला तोड़कर जांच को आगे बढ़ाया गया।

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Income tax raid on Ghanaram Group, jewelery worth four crores and one crore cash seized
चार्टर्ड अकाउंटेंट दिनेश सेठी का घर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में कर चोरी की आशंका में घनाराम ग्रुप के यहां शुरू हुई आयकर विभाग की कार्रवाई चौथे दिन भी जारी रही। घनाराम ग्रुप और इससे जुड़े बिल्डरों के यहां से कर चोरी के तमाम सबूत हाथ लगे हैं। ये लोग फर्जी बिल लगाकर कम मुनाफा दिखाते थे और कर चोरी करते थे। पिछले चार साल के दस्तावेज हाथ लगे हैं। अब आयकर विभाग पहले के भी दस्तावेज खंगालने में जुट गया है। इसके अलावा पांच लॉकरों से चार करोड़ के गहने, एक करोड़ की नकदी और मिली है।

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इससे पहले तीन करोड़ की नकदी मिली थी। नकदी के जरिये होने वाली कमाई का रिकार्ड नहीं मिला है। जमीन और फ्लैटों की बिक्री में स्टांप चोरी का भी मामला सामने आया है।  घनाराम इंफ्रा कंपनी के झांसी, लखनऊ, दिल्ली और कानपुर से जुड़े लोगों के 32 प्रतिष्ठानों पर सौ से ज्यादा अफसरों की टीमों ने बुधवार को कार्रवाई की थी। घनाराम कंपनी के निदेशक बिशुन सिंह, उनके भाई श्यामसुंदर सिंह के प्रतिष्ठानों पर छापा मारा गया था।

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श्याम सुंदर सपा के पूर्व एमएलसी हैं। इसके साथ ही झांसी में बिल्डर विजय सरावगी, वीरेंद्र राय, संजय अरोड़ा, शिवा सोनी, मयंक गर्ग के कार्यालयों, आवास व अन्य प्रतिष्ठानों समेत 25 जगहों पर कार्रवाई की गई थी। सूत्रों के अनुसार ग्रुप लंबे समय से फर्जी बिलिंग में लगा है। कागजों में दूसरे ठेकेदारों द्वारा काम कराना और भुगतान दिखाया है। इसमें कर चोरी की जांच की जा रही है। चार साल तक के फर्जी बिलिंग के सबूत मिले हैं। अब इससे पहले सालों के भी दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।

10 लॉकर खोलेंगे जरूरी राज
सूत्रों के अनुसार अफसरों को जांच में 10 से ज्यादा लॉकर मिले हैं। इसमें से कुछ लॉकरों को खोला गया है। इनमें चार करोड़ के गहने मिले हैं। घनाराम ग्रुप के एक प्रतिष्ठान से 80 लाख की नकदी बरामद की गई है। जैसे-जैसे लॉकर खुलेंगे ज्वैलरी आदि के मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

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बड़े पैमाने पर कर चोरी की आशंका
आयकर विभाग की जांच को चार दिन बीत चुके हैं। जांच में कर चोरी, फर्जी बिलिंग, कैश लेन-देन, स्टांप चोरी समेत तमाम दस्तावेज अफसरों को हाथ लगे हैं। इतने दिनों तक जांच चलने से बड़े पैमाने पर कर चोरी की आशंका जताई जा रही है। ग्रुप के स्काई टॉवरों में बिल्डरों के अलावा झांसी के तमाम सफेदपोश के भी निवेश की बात सामने आई है। ऐसे में जांच का दायरा और बढ़ सकता है। 

सीए के घर का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुई आयकर टीम

शनिवार को झांसी में चार्टर्ड अकाउंटेंट दिनेश सेठी के घर का ताला तोड़कर आयकर विभाग की टीम अंदर दाखिल हो गई। आईटी टीम ने तीन दिन तक उनका इंतजार किया, न आने पर यह कार्रवाई की गई। इसके साथ ही घर में मौजूद दस्तावेजों की पड़ताल भी शुरू कर दी है।

आयकर विभाग की टीमों ने बुधवार सुबह झांसी के बिल्डरों के यहां छापा मारा था। एक टीम जानकीपुरम निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट दिनेश सेठी के घर भी पहुंची थी। घर पर ताला पड़ा था। बताया गया था कि सीए मॉर्निंग वॉक पर गए हैं, जबकि परिवार के सदस्य झांसी से बाहर हैं। इसके बाद से वे लौटकर नहीं आए।

इस दौरान पहले पता चला कि वे शिवपुरी में है और फिर लखनऊ में होने की जानकारी हुई। शुक्रवार को आयकर विभाग को सूचना मिली कि वे गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। इस बीच इनकम टैक्स विभाग की चार सदस्यीय टीम घर के बाहर बरामदे में डेरा जमाए रही। शनिवार को अनुमति मिलने के बाद क्षेत्रीय पार्षद विकास खत्री व एसबीआई के दो कर्मचारियों की मौजूदगी में सीए के घर के ताले तोड़े गए।

अहम दस्तावेज लगे हाथ
चार्टर्ड अकाउंटेंट दिनेश सेठी को बिल्डरों के बीच की अहम कड़ी माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार सीए के पास कुछ बिल्डरों के लेन-देन से जुड़े अहम दस्तावेज मौजूद हैं। बता दें सीए के घर में पड़ताल न होने की वजह से आयकर की जांच बाधित बनी हुई थी। अब अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं।

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