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कानपुर: डॉ दंपती के हॉस्पिटल व आवास पर आयकर का छापा, बिल बुक में बड़े पैमाने पर मिली गड़बड़ी, बड़ा खुलासा

Sat, 05 Mar 2022 12:03 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 05 Mar 2022 12:03 PM IST
सार

छापे के दौरान पता चला कि डबल पुलिया स्थित न्यूरॉन हॉस्पिटल का संचालन डॉ. राघवेंद्र गुप्ता की मां, पत्नी डॉ. स्वप्निल गुप्ता और एक करीबी कर रहा था। जबकि यूनिक पैथोलॉजी एक पुराना कर्मचारी और करीबी संचालित कर रहा था। गुरुवार देर रात तक जांच-पड़ताल करने के बाद टीमें लौट गईं।

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Income tax raid on Dr couple's hospital and residence in Kanpur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में आयकर विभाग की ओर से डॉक्टर दंपती के हॉस्पिटल, आवास और पैथोलॉजी पर मारे गए छापे में विभाग को दंपती के आवास से एक करोड़ 30 लाख रुपये कैश मिला है। कैश के संबंध में डॉक्टर दंपती दस्तावेज पेश नहीं कर पाए।

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इसके बाद आयकर विभाग ने रकम को सीज कर दिया। छापे के दौरान पता चला कि डबल पुलिया स्थित न्यूरॉन हॉस्पिटल का संचालन डॉ. राघवेंद्र गुप्ता की मां, पत्नी डॉ. स्वप्निल गुप्ता और एक करीबी कर रहा था। जबकि यूनिक पैथोलॉजी एक पुराना कर्मचारी और करीबी संचालित कर रहा था।
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गुरुवार देर रात तक जांच-पड़ताल करने के बाद टीमें लौट गईं। रेड खत्म कर दी गई। प्रधान आयकर निदेशक जांच के निर्देश पर आयकर अफसरों ने डॉक्टर दंपती के काकादेव डबल पुलिया स्थित न्यूरॉन हास्पिटल, हैलट के पास यूनिक पैथोलॉजी, स्वरूप नगर और हरबंश मोहाल स्थित आवास पर छापे मारे।

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न्यूरॉन हास्पिटल में डॉ. राघवेंद्र गुप्ता और डॉ. स्वप्निल गुप्ता बैठते हैं।  डॉ. राघवेंद्र मेडिकल कालेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं और न्यूरो सर्जन हैं। विभागाध्यक्ष के बाद उन्हीं का पद सीनियर है।

उनके स्वरूप नगर स्थित घर से पहले दिन एक करोड़ रुपये कैश बरामद हुए थे। इसके बाद यही से 30 लाख और कैश मिला।  डॉक्टर का दावा था कि ये रकम बहीखाते में दर्ज है लेकिन दस्तावेज न दिखाए जाने पर रकम सीज कर दी गई।

सूत्रों ने बताया कि जांच में बहीखाते, इनवाइस और एकाउंट डिटेल्स मेनटेन नहीं मिले हैं। जांच में इसके साक्ष्य भी मिले हैं कि हॉस्पिटल में बिलिंग बहुत कम की जा रही थी और मरीजों से ज्यादा रुपये लिए जा रहे थे।

सूत्रों ने बताया कि डॉ. स्वप्निल गुप्ता पहले हैलट में संविदा पर कार्यरत थीं। बाद में वो नियमित हो गईं। डॉ. दंपती का हरबंश मोहाल स्थित दूसरा आवास बंद मिला।
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