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शर्मनाक: उन्नाव में हर दिन एक महिला की आबरू पर हमला, 97 दुष्कर्म पीड़िताओं को न्याय का इंतजार
Sat, 07 Dec 2019 11:47 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 07 Dec 2019 11:47 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव जिले में महिलाओं के साथ अपराधों की बाढ़ रही। बीते 340 दिनों में रोज 10 महिलाएं उत्पीड़न की शिकार हुईं। प्रतिदिन एक महिला की आबरू पर हमला हुआ। 97 महिलाएं दुष्कर्म की शिकार हुईं। यह पुलिस विभाग के आंकड़े हैं।
सैकड़ों मामले दर्ज न करने के आरोप लगाए जाते रहते हैं। पीड़िताएं थानों और अफसरों के चक्कर लगा रही हैं। जिले में महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ रहे हैं। कोई अपनों के उत्पीड़न का शिकार हुई तो किसी की आबरू पर गैर ने हमला कर शिकार बनाया।
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सैकड़ों मामले दर्ज न करने के आरोप लगाए जाते रहते हैं। पीड़िताएं थानों और अफसरों के चक्कर लगा रही हैं। जिले में महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ रहे हैं। कोई अपनों के उत्पीड़न का शिकार हुई तो किसी की आबरू पर गैर ने हमला कर शिकार बनाया।
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छेड़छाड़ और राह चलते छींटाकशी तो आम बात है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्ष 2019 के बीते 340 दिनों में महिलाओं के साथ हुए अपराधों के कुल 3339 मामले दर्ज हुए।
इनमें 490 महिलाओं की आबरू पर हमला हुआ। दुष्कर्म की शिकार हुईं 97 महिलाएं न्याय पाने के लिए लड़ रही हैं। 2018 में महिलाओं के साथ हुए अपराधों में दर्ज मुकदमों की संख्या 3332 रही थी।
इनमें 490 महिलाओं की आबरू पर हमला हुआ। दुष्कर्म की शिकार हुईं 97 महिलाएं न्याय पाने के लिए लड़ रही हैं। 2018 में महिलाओं के साथ हुए अपराधों में दर्ज मुकदमों की संख्या 3332 रही थी।
पुलिस थपथपा रही पीठ
पुलिस के अधिकारी तुलनात्मक आंकड़ों के सहारे महिलाओं के साथ हुए अपराधों का ग्राफ नीचे दिखाकर अपनी पीठ थपथपा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक वीके पांडेय का कहना है कि वर्ष 2018 में दुष्कर्म के 128 मामले दर्ज हुए। इस साल अब तक सिर्फ 97 और छेड़छाड़ के 174 के सापेक्ष इस साल 166 मामले दर्ज हुए। महिला उत्पीड़न के 234 के सापेक्ष इस साल 227 मामले दर्ज हुए हैं।
प्रमुख अपराधों पर एक नजर
अपराध 2018 2019
दहेज हत्या 48 46
दुष्कर्म 128 97
छेड़छाड़ 174 166
उत्पीड़न 234 227
आईपीसी 2400 2550
पुलिस के अधिकारी तुलनात्मक आंकड़ों के सहारे महिलाओं के साथ हुए अपराधों का ग्राफ नीचे दिखाकर अपनी पीठ थपथपा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक वीके पांडेय का कहना है कि वर्ष 2018 में दुष्कर्म के 128 मामले दर्ज हुए। इस साल अब तक सिर्फ 97 और छेड़छाड़ के 174 के सापेक्ष इस साल 166 मामले दर्ज हुए। महिला उत्पीड़न के 234 के सापेक्ष इस साल 227 मामले दर्ज हुए हैं।
प्रमुख अपराधों पर एक नजर
अपराध 2018 2019
दहेज हत्या 48 46
दुष्कर्म 128 97
छेड़छाड़ 174 166
उत्पीड़न 234 227
आईपीसी 2400 2550