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मेडिकल कॉलेज में नर्स ने मरीजों से की अभद्रता, हाईवोल्टेज ड्रामे के आगे नतमस्तक हुए सीएमएस
Wed, 03 Apr 2019 07:28 PM IST
प्रशांत कुमार
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 03 Apr 2019 07:28 PM IST
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मेडिकल कॉलेज कन्नौज
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यूपी के कन्नौज जिले मेंं मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों के साथ स्टाफ नर्स ने अभद्रता की। विरोध करने पर मरीजों को वार्ड से निकालने की धमकी भी दी। शिकायत के बाद भी सीएमएस नर्स के आगे नतमस्तक दिखे। अभद्रता की जांच कराने की बात कहकर टाल दिया।
यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसे में जालौन जनपद के मदारीपुर गांव निवासी सुधीर कुमार के साथ उनकी पत्नी सुषमा पुत्र निहाल घायल हो गए थे। इन्हें वहीं कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घायलों के गांव से दूरी होने के कारण परिजनों ने 29 मार्च की रात मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करा दिया। डॉक्टरों ने उपचार शुरू कर दिया। दो अप्रैल की रात करीब 11 बजे इमरजेंसी में तैनात एक स्टाफ नर्स घायलों से बेड खाली करने की बात कहने लगी। घायलों ने गौर नहीं किया तो स्टाफ नर्स अभद्रता करने लगी। घायलों ने विरोध किया तो नर्स ने रात में ही वार्ड से निकालने की धमकी दी।
शोरगुल सुनकर इकट्ठे हुए कर्मचारी नर्स को समझाने लगे। हंगामा कर रही नर्स मरीजों को इमरजेंसी से निकालने पर अड़ी रही। कर्मियों ने मरीजों से नर्स की अभद्रता की शिकायत सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह से की। सीएमएस के समझाने के बाद नर्स का गुस्सा शांत हुआ। बुधवार सुबह घायलों के परिजनों ने नर्स की शिकायत फोन से सीएमएस से की। उन्होंने अनसुनी कर दी। सीएमएस ने बताया कि मामले की जांच कर करवाई की जाएगी। जांच के बाद कार्रवाई होगी।
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यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसे में जालौन जनपद के मदारीपुर गांव निवासी सुधीर कुमार के साथ उनकी पत्नी सुषमा पुत्र निहाल घायल हो गए थे। इन्हें वहीं कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घायलों के गांव से दूरी होने के कारण परिजनों ने 29 मार्च की रात मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करा दिया। डॉक्टरों ने उपचार शुरू कर दिया। दो अप्रैल की रात करीब 11 बजे इमरजेंसी में तैनात एक स्टाफ नर्स घायलों से बेड खाली करने की बात कहने लगी। घायलों ने गौर नहीं किया तो स्टाफ नर्स अभद्रता करने लगी। घायलों ने विरोध किया तो नर्स ने रात में ही वार्ड से निकालने की धमकी दी।
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शोरगुल सुनकर इकट्ठे हुए कर्मचारी नर्स को समझाने लगे। हंगामा कर रही नर्स मरीजों को इमरजेंसी से निकालने पर अड़ी रही। कर्मियों ने मरीजों से नर्स की अभद्रता की शिकायत सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह से की। सीएमएस के समझाने के बाद नर्स का गुस्सा शांत हुआ। बुधवार सुबह घायलों के परिजनों ने नर्स की शिकायत फोन से सीएमएस से की। उन्होंने अनसुनी कर दी। सीएमएस ने बताया कि मामले की जांच कर करवाई की जाएगी। जांच के बाद कार्रवाई होगी।
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