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Kanpur News: डूडा महुआ में चंदा कर खुद ही सड़क बनवाने लगे ग्रामीण
Fri, 31 Oct 2025 11:52 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 31 Oct 2025 11:52 PM IST
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रसूलाबाद। डूडा महुआ मार्ग की सड़क बदहाल होने से करीब 30 साल से ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। सड़क किस विभाग की है यह साफ नहीं होने पर ग्रामीणों ने चंदा कर पचास हजार रुपये जुटाए और सड़क बनवाना शुरू कर दिया है।
रसूलाबाद से डूडा महुआ जाने वाले मार्ग की सड़क वर्ष 1984 में तत्कालीन राज्य सभा सदस्य व राष्ट्रपति रहे रामनाथ कोविंद ने बनवाई थी। कई वर्ष तक सड़क दुरुस्त न होने से तरह से उखड़ गई। अब ग्रामीणों को इस मार्ग पर कीचड़ होने से आवाजाही में परेशानी होती है। सड़क बनाने की मांग लगातार उठती रही, मगर यह किस विभाग के अधीन है यह साफ नहीं होने से पहल नहीं हुई। परेशान ग्रामीणों ने स्वयं ही सड़क बनाने की रुपरेखा बनाई।
चंदाकर 50 हजार रुपये जुटाए और गुरुवार को सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया। फावड़ा लेकर ग्रामीण खुद ही गड्ढों की पुराई करने लगे। उद्योग व्यापार मंडल रसूलाबाद के अध्यक्ष कमल दुबे ने बताया कि सड़क करीब तीन किलोमीटर लंबी है। कोई जनप्रतिनिधि या अधिकारी इसकी सुध नहीं ले रहा है। तेज सिंह, रामू दुबे, विपिन दुबे, मनोज, बड़े मुन्ना, नन्हू तिवारी आदि ने बताया कि गड्ढों की वजह से पैदल चलना भी मुश्किल होता है। गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने वाली एंबुलेंस भी हिचकोले खाते हुए करीब आधे घंटे में तीन किमी दूरी पार कर पाती है। किसी ने सुध नहीं ली तो चंदा इकट्ठा कर सड़क को दुरुस्त करने का काम शुरू कराया है।
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इस मार्ग से बिचौलिया, बनपुरवा, रानाइटाहा, बाबागांव, सिंहुआभीरा आदि गांव भी जुड़े हैं। लोक निर्माण विभाग की सहायक अभियंता कल्पना जायसवाल ने बताया कि जिला पंचायत व लोकनिर्माण विभाग को पत्र लिखकर पूर्व में किस विभाग से सड़क बनाई गई थी इसकी जानकारी चाही गई है। विधायक पूनम संखवार ने बताया कि यह सड़क किसी विभाग के अधीन नहीं है। इसी वजह से इसे ठीक कराने में समस्या हुई है। प्रस्ताव बनवाया गया है।
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रसूलाबाद से डूडा महुआ जाने वाले मार्ग की सड़क वर्ष 1984 में तत्कालीन राज्य सभा सदस्य व राष्ट्रपति रहे रामनाथ कोविंद ने बनवाई थी। कई वर्ष तक सड़क दुरुस्त न होने से तरह से उखड़ गई। अब ग्रामीणों को इस मार्ग पर कीचड़ होने से आवाजाही में परेशानी होती है। सड़क बनाने की मांग लगातार उठती रही, मगर यह किस विभाग के अधीन है यह साफ नहीं होने से पहल नहीं हुई। परेशान ग्रामीणों ने स्वयं ही सड़क बनाने की रुपरेखा बनाई।
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चंदाकर 50 हजार रुपये जुटाए और गुरुवार को सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया। फावड़ा लेकर ग्रामीण खुद ही गड्ढों की पुराई करने लगे। उद्योग व्यापार मंडल रसूलाबाद के अध्यक्ष कमल दुबे ने बताया कि सड़क करीब तीन किलोमीटर लंबी है। कोई जनप्रतिनिधि या अधिकारी इसकी सुध नहीं ले रहा है। तेज सिंह, रामू दुबे, विपिन दुबे, मनोज, बड़े मुन्ना, नन्हू तिवारी आदि ने बताया कि गड्ढों की वजह से पैदल चलना भी मुश्किल होता है। गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने वाली एंबुलेंस भी हिचकोले खाते हुए करीब आधे घंटे में तीन किमी दूरी पार कर पाती है। किसी ने सुध नहीं ली तो चंदा इकट्ठा कर सड़क को दुरुस्त करने का काम शुरू कराया है।
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इस मार्ग से बिचौलिया, बनपुरवा, रानाइटाहा, बाबागांव, सिंहुआभीरा आदि गांव भी जुड़े हैं। लोक निर्माण विभाग की सहायक अभियंता कल्पना जायसवाल ने बताया कि जिला पंचायत व लोकनिर्माण विभाग को पत्र लिखकर पूर्व में किस विभाग से सड़क बनाई गई थी इसकी जानकारी चाही गई है। विधायक पूनम संखवार ने बताया कि यह सड़क किसी विभाग के अधीन नहीं है। इसी वजह से इसे ठीक कराने में समस्या हुई है। प्रस्ताव बनवाया गया है।