आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की सूची में सिर्फ कैबिनेट मंत्री, विधायक, बिल्डर, जमींदार, ठेकेदार ही अपात्र नहीं हैं, बड़ी संख्या में वे लोग भी हैं जो अपात्र हैं, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
अगर किसी के पास फ्रिज, बाइक है तो भी वह अपात्र है और योजना के लाभार्थियों की श्रेणी में नहीं आएगा। तीन या इससे अधिक पक्के कमरों वाले मकान का स्वामी भी लाभ का हकदार नहीं है।
इस संबंध में नेशनल हेल्थ एजेंसी (एनएचए) की ओर से पत्र भेजा जा चुका है। इसमें 16 बिंदु दिए गए हैं जिनके दायरे में आने वालों को पात्रता से बाहर करने के लिए कहा गया है। ऐसे लोगों को ढूंढकर सूची से हटाने में प्रशासन को पसीना छूट रहा है।
नेशनल हेल्थ एजेंसी के कार्यकारी अधिकारी डॉ. इंदू भूषण की ओर से 30 अगस्त को ही पात्रता दायरे में न आने वालों की पहचान के लिए प्रावधान बता दिए गए थे। ऐसे लोगों को आयुष्मान भारत की सूची से बाहर करने के लिए कहा गया था, लेकिन अभी तक इस संबंध में कुछ नहीं किया गया।
पात्रता दायरे से बाहर होने वाले लोगों का नाम अभी पात्रता सूची में हैं। अगर वह इलाज कराने के लिए आते हैं तो उनका अस्पतालों को इलाज करना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग अभी पुरानी सूची के लोगों को प्रधानमंत्री के पत्र (गोल्डन कार्ड) बांटने में लगा हुआ है।